पुलिस और किसानों के बीच टकराव।
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पंजाब के पटियाला के नाभा में सोमवार को किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। नाभा की डीएसपी मनदीप कौर ने आरोप लगाया कि किसानों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। उनकी वर्दी पर हाथ डाला व उनका जूड़ा खींचा। वहीं, किसानों का कहना है कि डीएसपी उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश कर रही थीं। इस टकराव से हालात तनावपूर्ण हो गए।
दरअसल, किसान शंभू बॉर्डर से ट्रॉलियां चोरी के मामले में नगर परिषद अध्यक्ष सुजाता चावला के पति पंकज पप्पू की गिरफ्तारी को लेकर डीएसपी दफ्तर के बाहर धरना दे रहे थे। इस धरना-प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन आजाद, भारतीय किसान यूनियन भटेड़ कलां और क्रांतिकारी यूनियन समेत चार यूनियन शामिल थीं। किसानों का आरोप है कि शंभू बॉर्डर से ट्रॉलियां चोरी मामले में पंकज पप्पू सीधे तौर पर शामिल हैं। इसके बावजूद पुलिस ने हल्की धाराएं लगाकर उसे जमानत दिला दी। किसानों के धरने के दौरान जब डीएसपी मनदीप कौर अपने दफ्तर से बाहर जाने लगीं तो किसानों और डीएसपी में कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए।
डीएसपी मनदीप कौर ने नम आंखों से कहा कि उन्होंने किसानों को धरना देने से नहीं रोका था। वे उनसे बात करने आई थीं। जब वे अपनी गाड़ी लेकर किसी जरूरी काम से जाने लगीं, तो किसानों ने उनकी गाड़ी रोक ली और उनके साथ धक्का-मुक्की की। उनकी वर्दी पर हाथ डाला और उनके जूड़े को भी खींचा। डीएसपी ने कहा कि किसानों ने उनके साथ बुरा व्यवहार किया, जो बहुत गलत है। वे किसानों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। वहीं, किसान नेता गमदूर सिंह ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण धरना देकर न्याय की मांग कर रहे थे। डीएसपी मनदीप कौर ने किसानों के साथ बदसलूकी की और उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और किसानों के कपड़े फाड़ दिए। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, तब तक डीएसपी की गाड़ी को निकलने नहीं दिया जाएगा।