पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को जन संपर्क मुहिम के तहत पटियाला के राजपुरा में आयोजित रैली में आरोप लगाया कि बादलों की शह पर छोटे-मोटे नशा तस्करों को जेलों में डाला जा रहा है, जबकि बड़े तस्कर आजाद घूम रहे हैं।
कैप्टन ने कहा कि पंजाब के 70 प्रतिशत नौजवान नशे की दलदल में फंसते जा रहे हैं। नौजवानों के खून में बह रहे नशों के लिए सीधे तौर पर अकाली जिम्मेदार हैं। अकाली ही तस्करों को शह दे रहे हैं।
कैप्टन ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को मध्यकालीन सोच से बाहर निकलना चाहिए। क्योंकि, संगत दर्शन का तरीका दो सदियों पुरानी बात हो चुकी है। पंजाब को बादल की ओर से मनमर्जी से बांटी ग्रांटों की जरूरत नहीं, बल्कि इसको सही ढंग से बनाई गई लंबे समय की योजना की जरूरत है।
कैप्टन ने कहा कि बादल को उनके पिता से केवल 80 एकड़ जमीन मिली थी। आज उनकी जायदाद हजारों करोड़ों की है। अब इनके पास हजारों किले जमीन है और लगभग 700 के बसें है, यह कहां से आई है आप समझ सकते है। उन्होंने कहा सूबे में विकास नहीं हो पा रहा है।
सड़कों की हालत खराब है। आरोप लगाया बादल ने मुल्लांपुर में बन रहे अपने पांच सितारा होटल को जाने के लिए स्पेशल रोड तैयार की है।
कैप्टन ने बादल की ओर से उनकी जन संपर्क मुहिम की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग अपनी मर्जी से कांग्रेस की मीटिंगों का हिस्सा बन रहे हैं। लोग अकाली सरकार से पीछा छुड़ाना चाहते हैं।
इसलिए भी कांग्रेस की रैलियों का बड़ी गिनती में हिस्सा बन रहे हैं। कैप्टन ने हरदियाल सिंह कंबोज की पीठ थपथपाते हुए कहा कि उन्होंने मेरी उम्मीद से भी ज्यादा भीड़ जुटाई है।
विधानसभा में विरोधी पक्ष के लीडर सुनील जाखड़ ने कहा कि राज्य भर में कैप्टन की रैलियों ने तूफान ला दिया है, जो अकाली-भाजपा शासन को उड़ा ले जाएगा। अकाली यहां तक कि सीएम बादल भी भाजपा लीडरों के हाथों लगातार प्रताड़ित हो रहे हैं, लेकिन वह विरोध करने की हालत में नहीं हैं। पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर ने भी रैली को संबोधित किया।