पटियाला-राजपुरा रोड पर बहादुरगढ़ के पास हादसे में तीन लोगों की मौत मामले में थाना सदर पुलिस ने ब्रेजा चालक महकप्रीत कौर (18) के खिलाफ केस दर्ज किया है।
हादसे में अल्काजार कार सवार पवन बब्बर, उनकी पत्नी कुसुम लता और उनके बेटे सिद्धांत बब्बर की मौत हो गई थी। तीनों हरियाणा के जिला सिरसा के मंडी डबवाली के रहने वाले थे। पवन कुमार पंचकूला में अपनी बेटी की कोठी के मुहूर्त प्रोग्राम में हिस्सा लेकर वापस लौट रहे थे।
कार में से मिले बीयर के खाली कैन
जिस कार को मकहप्रीत चला रही थी, उसमें से बीयर के खाली कैन मिले हैं। आशंका है कि हादसे के समय महकप्रीत कौर नशे में थी। साथ ही वह तेज रफ्तार में कार चला रही थी। इस कारण वह कार से नियंत्रण खो बैठी और कार डिवाइडर पार कर दूसरी साइड में जा रही अल्काजार गाड़ी से जा टकराई। बहादुरगढ़ पुलिस के इंचार्ज एएसआई हरदीप सिंह के मुताबिक महकप्रीत के ब्लड सैंपल लेकर जांच
के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल महकप्रीत अस्पताल में उपचाराधीन है।
महकप्रीत के साथ ब्रेजा में नवनीत कौर (14), सुखचैन सिंह निवासी नाभा और एक अन्य नौजवान भी सवार था। अज्ञात नौजवान लुधियाना के अस्पताल में दाखिल है। बाकी घायलों की हालत स्थिर है। पुलिस के मुताबिक महकप्रीत कौर अपने साथियों के साथ पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी आई थी। वहां से ब्रेजा में सभी राजपुरा की तरफ जा रहे थे।
पहले भाई, भाभी, भतीजे व इकलौते बेटे को खो चुके थे पवन बब्बर
पटियाला-राजपुरा रोड पर वीरवार को सड़क हादसे में जान गंवाने वाले हरियाणा के मंडी डबवाली के आढ़ती पवन बब्बर ने 23 दिसंबर 1995 में हुए भयंकर अग्निकांड में अपने भाई, भाभी, भतीजे और इकलौते लड़के को खो दिया था। इस हादसे से टूटे पवन बब्बर व उनकी पत्नी कुसुम लता ने किसी तरह से खुद को संभाला। दोनों ने सिद्धांत को गोद लिया था। सिद्धांत अब अपने पिता पवन बब्बर का आढ़त का कारोबार संभाल रहा था। परिवार उसकी शादी करने की सोच रहा था। पवन बब्बर की दो बेटियां भी हैं, जिनमें से एक पंचकूला में ब्याही है। उसकी की नई कोठी के गृह प्रवेश कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद पवन अपनी पत्नी व बेटे के साथ घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे तीनों हादसे का शिकार हो गए। इस हादसे के बाद मंडी डबवाली में शोक की लहर दौड़ गई। पवन बब्बर का क्षेत्र में बड़ा नाम था।