पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह।
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयान से सियायत गरमा गई है। कैप्टन ने मीडिया में दिए बयान में कहा है कि उनके साथ बहुत सारे कांग्रेसियों ने हंसी मजाक के लिए भाजपा ज्वाइन नहीं की है। अब तक भाजपा ने पंजाब के मसलों पर उनसे राय नहीं मांगी है। फिर चाहे लोकसभा चुनाव में पंजाब की विभिन्न सीटों पर उम्मीदवारों के चयन या चुनावी रणनीति का मुद्दा हो, लेकिन वह अपने स्टैंड पर स्पष्ट हैं कि जब तक भाजपा उनसे सलाह नहीं मांगेगी, तब तक वह किसी तरह की सलाह भी नहीं देंगे।
कैप्टन ने कहा है कि वह 1967 से पंजाब की राजनीति में हैं। इस दौरान वह दो बार मुख्यमंत्री, एक बार मंत्री, सात बार विधायक व दो बार सांसद रह चुके हैं। वह गंभीर राजनेता हैं। हालांकि कैप्टन इस दौरान कहते हैं कि वह भाजपा से निराश नहीं हैं, लेकिन पार्टी हाईकमान को भी इन सभी बातों को समझना चाहिए।
कैप्टन के इस बयान के सामने आने के बाद कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत भी सामने आई हैं और भाजपा पर निशाना साधा है। सुप्रिया ने ट्वीट करके कैप्टन के इस बयान की वीडियो साझा की है। साथ ही लिखा है कि अमरिंदर सिंह के दिल का हाल उन्हीं की जुबानी।
पार्टी से नाराज चल रहे कैप्टन
कैप्टन के इस बयान के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि पूर्व सीएम अंदरखाते भाजपा हाईकमान से नाराज चल रहे हैं। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव हारने के बाद जिस तरह से रवनीत सिंह बिट्टू को तरजीह देते हुए केंद्र में मंत्री बना दिया गया है। इससे पंजाब की राजनीति में बिट्टू का कद बढ़ गया है। उससे कैप्टन व सुनील जाखड़ अंदरखाते नाराज हैं।
हाल ही में किया खन्ना मंडी का दौरा
गौरतलब है कि कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अपने समर्थकों समेत भाजपा में शामिल हो गए थे। करीब डेढ़ साल से कैप्टन ने सेहत संबंधी समस्याओं के चलते राजनीति से दूर बना रखी थी। लेकिन हाल ही में खन्ना की मंडी का दौरा करके धान की खरीद न होने को लेकर पंजाब सरकार पर जमकर हमले बोले थे।
किसानी समस्याओं को हल कराने से पीछे हटे कैप्टन-पंधेर
उधर, कैप्टन के इस बयान के सामने आने के बाद किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के कन्वीनर सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि उम्मीद थी कि पूर्व सीएम किसानों के मसलों को केंद्र से हल कराएंगे, लेकिन यह कहकर कि उनसे भाजपा ने पंजाब व किसानों के मसलों पर राय नहीं मांगी है और वह भी नहीं देंगे, जब तक मांगी नहीं जाएगी। इस बयान से कैप्टन भी किसानों की समस्याओं को हल कराने से पीछे हटते नजर आ रहे हैं।