अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को आठ लाख रुपये की रिश्वत मामले में सीबीआई की विशेष अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने भुल्लर की ओर से दायर उस अर्जी को मंजूरी दे दी, जिसमें उन्होंने सीबीआई जांच अधिकारियों की कॉल डिटेल और टावर लोकेशन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की थी। अदालत ने सीमित दायरे में यह रिकॉर्ड संरक्षित करने का आदेश दिया, जिससे जांच अधिकारियों की गोपनीयता प्रभावित न हो।
अदालत के आदेश के मुताबिक, केवल शिकायतकर्ता और सीबीआई के दो जांच अधिकारियों के बीच हुई बातचीत और उस समय की टावर लोकेशन का रिकॉर्ड ही सुरक्षित रखा जाएगा। इस रिकॉर्ड को संबंधित मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को संरक्षित करने के लिए कहा गया है। सीबीआई ने इस अर्जी का विरोध किया था, यह तर्क देते हुए कि इससे जांच अधिकारियों की गोपनीयता खतरे में पड़ सकती है। हालांकि, अदालत ने इस पर सीमाएं तय करते हुए केवल आवश्यक रिकॉर्ड को संरक्षित रखने का आदेश दिया।
इसके अतिरिक्त अदालत ने भुल्लर के वकील की एक और अर्जी को भी स्वीकार कर लिया। वकील ने डीसी कॉम्प्लेक्स, मोहाली से लेकर चंडीगढ़ स्थित सीबीआई कार्यालय तक के रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की थी। अदालत ने इस आवेदन को भी मंजूर कर लिया, जिससे भुल्लर को अपनी बेगुनाही साबित करने में मदद मिल सकती है।