राजोआणा ने सिख पंथ की खिलाफत करने वाली ताकतों से सचेत रहने और श्री अकाल तख्त साहिब, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी समेत सभी सिख संस्थाओं को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्हाेंने कहा कि सिख पंथ को अदृश्य ताकतों से खतरा है जिसका मुकाबला सिख संगत और पंथ द्वारा एकजुट होकर किया जा सकता है। उन्होंने अकाली दल के अलग-अलग धड़ों को भी एकजुट होने की अपील की।
साजिश के तहत सिखों और पंथ बनाया निशाना
तीस साल बाद अपने गांव आए राजोआणा ने कहा कि एसजीपीसी के अथक प्रयास से ही उन्हें तीन घंटे की पैरोल मिल सकी अन्यथा वे अपने बड़े भाई की अंतिम अरदास में शामिल नहीं हो पाते। देश की हुकूमत पर जुबानी हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सिखों और पंथ एक साजिश के तहत निशाना बनाया गया। फांसी के मामले की देश की सर्वोच्च अदालत में चल रही सुनवाई के चलते ज्यादा बोलने से गुरेज करते हुए उन्होंने तीस साल से पैरवी कर रही अपनी मुंहबोली बहन कमलदीप कौर की जमकर तारीफ की और एसजीपीसी का भी धन्यवाद किया।