अध्यापक योग्यता परीक्षा (टीईटी) पास बेरोजगार बीएड अध्यापकों ने शहर में प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह भवानीगढ़, कर्मजीत कौहरियां और जिलाध्यक्ष बलविंदर ने कहा कि आठ मई को बठिंडा प्रशासन ने शांतिपूर्वक धरना दे रहे बेरोजगार अध्यापकों को गिरफ्तार करके थानों में बंद कर दिया। अध्यापकों के साथ पुलिस ने अमानवीय व्यवहार करते हुए अध्यापकों को अपने परिवार वालों से संपर्क तक नहीं करने दिया। इसके चलते बेरोजगार अध्यापक संदीप सिंह फाजिल्का के बार-बार मिन्नत करने के बावजूद भी घर में बीमार पड़ी आठ माह की बच्ची का पता लेने के लिए फोन पर बात नहीं करने दी गई। बच्ची के इलाज का समय पर प्रबंध नहीं होने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए और इसके लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही मांग की गई कि नवंबर 2015 में मास्टर काडर के विभिन्न विषयों की निकाली छह हजार पचास पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम बीस हजार की जाए और भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए।