सेहत विभाग की ओर से बीते साल दीवाली के मौके छह हलवाइओं के कोल्ड स्टोरों में कीडे़ मकोड़े वाले बरामद 70 क्विंटल खोया के मामले में प्रशासन की कार्रवाई ने सवाल खडे़ कर दिए हैं। इस खोया के नमूने फेल होने बाद यह कोल्ड स्टोर में रखवा दिया गया।
वहीं अब तक इसको विभाग ने नष्ट नहीं किया है। इसमें कीड़े (सूंड) चलने से बदबू आने लग पड़ी है। विभाग ने कोल्ड स्टोर मालिक को कोई भी किराया भी नहीं दिया है। प्रशासन यह खोया नष्ट न कर खुद ही कानून की उलंघना कर रहा है।
जिला सेहत अफसर डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि यह खोया जिला मजिस्ट्रेट की निगरानी में उप मंडल मजिस्ट्रेट और कार्यकारी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में सेहत विभाग की टीम ने जब्त किया था। उन्हाेंने बताया कि खोया के नमूने फेल होने से दुकानदारों के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के अंतर्गत जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया था।
दो हलवाइओं को इस एक्ट के अंतर्गत 20-20 हजार जुर्माना भी हो चुका है। वहीं बाकी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई विचाराधीन है। उन्हाेंने कहा कि विभाग अपनी ड्यूटी पूरी कर चुका है।
इस खोया को नष्ट करना विभाग की जिम्मेदारी नहीं बनती। उन्हाेंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों पर नगर निगम की ओर से यह खोया नष्ट किया जाना है।
इस मामले में सूचना अधिकार एक्ट के अंतर्गत विभाग से हासिल की जानकारी में बताया गया कि अक्तूबर 2014 में खोया के 6 नमूनेे फेल हुए थे। यह खोया कोल्ड स्टोर में पड़ा है।
इसके अलावा 3 मामलों का फैसला हो चुका है। दो केस अदालत में विचार अधीन और एक केस की रिपोर्ट गाजियाबाद से प्राप्त नहीं हुई। मांगी गई जानकारी में विभाग ने यह भी स्पष्ट बताया कि दीवाली के बाद विभाग ने इन हलवाइओं की दुकानों से दोबारा कोई नमूने हासिल कर जांच के लिए नहीं भेजे।
सेहत विभाग की टीम ने 14 क्विंटल नकली देसी घी भी जब्त किया था। शहर में मिलावटी नकली देसी घी और मिठाई को तैयार करने में ऐसे केमिकलों का प्रयोग कि या जा रहा कि इसकी सुगंध से नकली होने के बारे में पता नहीं लगता। जिला प्रशासन और सेहत विभाग की लेट लतीफी से इस कार्रवाई पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।