पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी भरत इंदर सिंह चहल की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ गई हैं। अदालत ने चहल के खिलाफ गिरफ्तारी के वारंट जारी किए हैं। मामला आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रहे भरतइंद्र सिंह चहल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चहल खिलाफ पटियाला की अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। विजिलेंस को चहल को गिरफ्तार कर 28 अक्तूबर को अदालत में पेश करने के लिए कहा गया है।
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गौरतलब है कि विजिलेंस ने नवंबर 2022 में चहल के खिलाफ जांच शुरू की थी। इस दौरान विजिलेंस ने चहल की दो संपत्तियों की जांच की, जिनमें पटियाला-फतेहगढ़ साहिब रोड स्थित एक मैरिज पैलेस और नाभा रोड पर पुडा एनक्लेव-1 में कर्मिशयल साइट पर एक निर्माण शामिल रहा। इस मामले में 2 अगस्त 2023 में चहल के खिलाफ विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति का केस भी दर्ज कर लिया था।
हालांकि बाद में चहल को अक्तूबर 2023 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी। इस संबंधी 18 सितंबर 2023 को हाईकोर्ट में दायर याचिका में चहल ने इस पूरे मामले को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए कहा था कि कैप्टन के करीबी होने के चलते उन्हें जानबूझ कर फंसाया जा रहा है।
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वहीं विजिलेंस के मुताबिक मार्च 2017 से लेकर सितंबर 2021 तक चहल की आय व खर्च की जांच की गई है, जिसमें पाया गया है कि चहल के परिवार की कुल आय सात करोड़ 85 लाख 16 हजार 905 रुपये बनती है। लेकिन खर्चा 31 करोड़ 79 लाख 89 हजार 11 रुपये का किया गया है। इसी के चलते चहल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। चहल 1 अप्रैल 2017 से अगस्त 2021 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रहे। आरोप हैं कि इस दौरान चहल ने गलत तरीके से पैसे बनाए और उन्होंने व उनकी पत्नी ने कुछ संपत्तियों में निवेश किया।