जिले में अब तक कुल 589 डेंगू के केस पॉजिटिव पाए गए हैं।
जिनमें से एक मरीज की मौत हो चुकी है।
सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. वरिंदर सिंह मोही ने दावा किया कि जिले में डेंगू की बीमारी कंट्रोल में है और केस की गिनती अब कम हो रही है।
उन्होंने कहा कि मौसम में आई तबदीली के चलते बीमारी फैलाने वाले मच्छर कम हो गए हैं।
डॉ. मोही ने बताया कि डेंगू की बीमारी फैलाने वाला मच्छर दिन के समय काटता है। इसलिए सभी को इससे बचाव के लिए सावधानियां बरतनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि डेंगू की बीमारी के रोकथाम के लिए सेहत विभाग की ओर से रेपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों की ओर से जिन एरिया में डेंगू के केस पाए गए थे। उनके घरों और आसपास में पैरीथरम का स्प्रे किया गया।
जिस एरिया में तालाबों में पानी खड़ा था, वहां लारवा को खत्म करने के लिए लारवा साइड दवाई डाली गई है। उन्होंने कहा कि बीमारी के बचाव संबंधी पंफलेट का वितरण भी किया गया है।
नगर निगम की ओर से जिले में मच्छरों की रोकथाम के लिए प्रभावित इलाकों में फागिंग की गई। डॉ. मोही ने कहा कि घरों के अंदर और बाहर कूलर का पानी साफ करा दिया गया है।