बिजली की बढ़ रही मांग की पूर्ति के लिए पंजाब सरकार द्वारा 2016 तक सौर ऊर्जा से 500 मेगावाट बिजली पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। कोई भी किसान जिसके नाम पिछले तीन सालों से जमीन हो, वह वहां सोलर पावर प्लांट लगा सकता है।
इसके तहत एक मेगावाट से लेकर 2.5 मेगावाट तक की सामर्थ्य वाले सोलर प्लांट लगाए जा सकते हैं। यह जानकारी पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (पेडा) के नव नियुक्त चेयरमैन उपकार सिंह संधू ने बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कालेज में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान दी।
संधू ने बताया कि एक मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए 5 एकड़ जमीन की जरूरत होगी जिसमें करीब 7 करोड़ रुपए की लागत आती है और इससे हरेक साल करीब 1 करोड़ रुपये तक की बिजली पैदा होगी और प्लांट की लागत 8-9 सालों में ही पूरी हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि अब तक पंजाब में लगाए गए सोलर प्लांट से 200 मेगावाट बिजली की पैदावार हो रही है और 229 मेगावाट की सामर्थ्य वाले ओर सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए मंजूरी दी जा चुकी है।
इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मंत्री रणधीर सिंह चीमा, मेंबर ट्रस्ट एडवोकेट नरिंदर सिंह टिवाना, एमसी शेर सिंह, एडवोकेट रविंदर सिंह सैंपला, डीन अकादमिक डॉ. लखविंदर सिंह, डॉ ए.पी.एस. सेठी, प्रो: एन.पी. सिंह, बलराज सिंह, जसबीर सिंह रटोल, एक्सईएन मनप्रीत सिंह, बी.एस. भुल्लर, डॉ: गुरसेवक सिंह बराड़, डॉ: लखबीर सिंह, कुलजीत सिंह, आदि उपस्थित थे।