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गिरोह से डेढ़ करोड़ की 32 गाड़ियां बरामद

Wed, 04 Dec 2013 10:52 PM IST
अमर उजाला, पटियाला
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पटियाला पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलर जगदीश सिंह भोला से संबंधित गाड़ियां चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनसे डेढ़ करोड़ की 32 गाड़ियां बरामद की हैं।
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यह गिरोह गाड़ियां चोरी करके इनके इंजन, चेसी नंबर पंच करके उनके जाली बिल और रजिस्ट्रेशन तैयार कर बेचते थे। पुलिस को शक है कि भोला की ओर से इन गाड़ियों का इस्तेमाल ड्रग्स की तस्करी के लिए भी किया जाता रहा है।

 आई पुलिस जोन-1 पटियाला परमजीत सिंह गिल और एसएसपी हरदियाल सिंह मान ने बुधवार शाम पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में बताया कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलर भोला और सरबजीत सिंह उर्फ सब्बा को गिरफ्तार किया था।
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सब्बा के भाई बलजिंदर सिंह उर्फ सोनू को भी ड्रग तस्करी के केस में गिरफ्तार किया था। पुलिस को जानकारी मिली कि सब्बा व बलजिंदर का तीसरा भाई परमजीत सिंह उर्फ पम्मा चोरी की गाड़ियों के इंजन व चेसिस नंबर पंच करके उनके जाली बिल व रजिस्ट्रेशन तैयार करके आगे बेचने का काम करते हैं।

टोटल लास गाड़ियों के इंजन नंबर, चेसिस नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर चोरी की गाड़ियों पर लगाकर बेचते हैं।

 पम्मा के गिरोह का पर्दाफाशकरने के लिए पुलिस पार्टियों का गठन किया था। त्रिपड़ी में चेकिंग की जा रही थी। इस बीच खुफिया सूचना के आधार पर पम्मा के साथी बलविंदर सिंह उर्फ ज्ञानी और दिलबाग सिंह तरनतारन को काबू कर लिया।

इनके साथी सुरजीत सिंह बठिंडा और पम्मा गाड़ियों की चोरी के केसों में बंद थे, उन्हें पटियाला पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ कर रही है।

सुरजीत के साथ गाड़ियां चोरी करने वाले गिरोह के तीन मेंबरों जगदेव सिंह उर्फ निसान सिंह मानसा, मनदीप सिंह उर्फ नीटा मानसा और रणजीत सिंह निवासी मानसा को भी पुलिस विभिन्न जेलों से प्रोडक्शन वारंट पर लाई है।

 आरोपियों से दो इनोवा, पांच वरना, तीन स्कार्पियो, छह इंडिका, दो आई 20, दो स्विफ्ट कार, एक सफारी, चार बोलेरो, एक एसेंट, इंडिका और महिंदरा की छह गाड़ियां बरामद की हैं।

ये गाड़ियां गैंग ने लुधियाना, बठिंडा, हरियाणा और दिल्ली से चोरी की थीं। जो गाड़ियां गैंग की ओर से चोरी की जाती थीं, उन गाड़ियों के साथ मिलती-जुलती गाड़ियां और टोटल लोस गाड़ियों (एक्सीडेंट वालीं) के इंजन व चेसी नंबर चोरी की गई गाड़ियों पर लगा दिए जाते थे।

एक्सीडेंट गाड़ी की आरसी जो पहले ही तैयार होती थी और दूसरी गाड़ियों के जाली बिल तैयार करके रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई कर दिया जाता था। या फिर गाड़ी की रजिस्ट्रेशन ही जाली तैयार कर ली जाती थी और गाड़ी बेच दी जाती थी।

यह गिरोह पुणे, औरंगाबाद, दिल्ली, कोलकाता, यूपी, हरियाणा और राजस्थान तक फैला था।

आईजी ने कहा कि पुलिस को पूरा शक है कि इन चोरी की गाड़ियों के जरिये भोला की ओर से ड्रग्स की तस्करी भी की जाती थी। पुलिस इस मामले में पूरी तरह से जांच कर रही है।
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