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पुलिस वैरीफिकेशन के बिना रह रहे हैं हजारों युवक अवैध पीजी में

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पुलिस वेरिफिकेशन बिना पीजी में रह रहे हैं हजारों लोग
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चंद पैसों के लालच में पीजी मालिक उठाते हैं रिस्क
पीजी में रह रहे युवकों की जांच होगी : डीएसपी
अमर उजाला ब्यूरो
राजपुरा। राजपुरा की अलग-अलग कालोनियों व गांवों में सैकड़ों की संख्या में पीजी चल रहे हैं, जिनमें हजारों युवक अन्य प्रदेशों से आकर बिना पुलिस वैरीफिकेशन के रह रहे हैं, इनमें ज्यादा संख्या जम्मू-कश्मीर के युवकों की हैं। बिना वैरीफिकेशन किराएदार रखना कानूनन जुर्म है। इसके बावजूद भी लोग चंद पैसे कमाने के चक्कर में बिना वैरीफिकेशन के किराए पर कमरे दे रहें हैं।
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने राजपुरा से बीती बीती 27 अप्रैल को पाक समर्थक कश्मीरी हैकर शाहिद मल्ला व बनूड़ के हाउस फैड से दो संदिग्ध कश्मीरी युवकों के पकड़े थे। शाहिद मल्ला राजपुरा के एक कालेज में इलेक्ट्रानिक एंड कम्यूनिकेशन विषय बीटेक सेकेंड ईयर का छात्र था और वह महिंद्र गंज बाजार के नजदीक एक पीजी में रहकर केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण साइटें हैक कर पाकिस्तान भेजृता था। बताया जाता है कि उक्त आरोपी व इसके अन्य साथी ने करीब 500 वेबसाइट हैक की थी। उसका एक अन्य साथी जालंधर से पकड़ा गया था
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शहर के पीजी में रह रहे युवकों में यूपी, बिहार के अलावा सबसे ज्यादा जम्मू-कशमीर से आए युवक है। यह राजपुरा के नजदीकी कालेजों में शिक्षा ग्रहण करते हैं और शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में अवैध तौर पर बने पीजी में रह रहे हैं।
व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष यशपाल सिंधी, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव मुरलीधर अरोड़ा, विश्व हिन्दू परिषद के महामंत्री पंकज गोयल, भाजपा जिलसध्यक्ष नरिन्द्र नागपाल का कहना है कि अन्य प्रदेशों से आने वाले लोगों की पूरी जांच होनी चाहिए। इ सके बाद ही उसे किराए पर मकान दिया जाए। किराएदार की सूचना न देने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा-188 के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए और बाहरी प्रदेशों से आने वालों का पहचान पत्र पुलिस की तरफ से जारी किया जाए।
क्या कहते हैं पीजी संचालक
शीतल कालोनी में पीजी चलाने वाले गुरप्रीत सिंह, जतिन गोयल, निरवैल सिंह ने बताया कि उनके पास ज्यादातर जम्मू-कश्मीर के युवक हैं, जिन्हें हमने कमरे किराए पर दे रखे हैं। इनकी बाकायदा पुलिस वैरीफिकेशन भी कराई गई है। उन्होंने कहा कि हमारे पास जो युवक रह रहे हैं, वह नजदीक के कालेजों में शिक्षण ग्रहण कर रहे हैं। हमने कालेजों से भी इसकी तस्दीक कर ली है।
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क्या कहते हैं डीएसपी राजपुरा
डीएसपी कृष्ण कुमार पांथें का कहना है कि शहर में जितने भी पीजी चल रहे हैं, उनकी समय-समय पर जांच कराई जाती है। इलाके में अवैध तौर पर चल रहे पीजी की जांच करवाई जायेगी और उन पर शिकंजा कसा जायेगा और सहयोग न देने वाले पीजी मलिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
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