आजादी की लड़ाई में बड़ा रोल अदा करने के बाद अब पंजाब देश के विकास में भी अहम योगदान डाल रहा है। यहां के किसानों ने अपनी सख्त मेहनत और लगन से देश को अनाज की पैदावार में आत्मनिर्भर बनाया और औद्योगिक विकास के लिए भी पंजाबी लगातार प्रयासरत हैं।
यह विचार राज्यपाल शिवराज पाटिल ने 65वें गणतंत्र दिवस के मौके पर पटियाला के यादविंदरा स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद व्यक्त किए।
राज्यपाल ने देश को आजादी दिलाने वाले सभी देश भक्तों, शूरवीरों और सैनिकों को श्रद्धा के फूल भेंट करते हुए कहा कि संविधान और कानूनों का निर्माण करने वालों को याद करना भी हम सभी का फर्ज है।
अपने संबोधन से पहले राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण किया। इस मौके पर उनके साथ पंजाब के प्रमुख सचिव राकेश सिंह, डीजीपी पंजाब सुमेध सिंह सैनी और डीसी जीके सिंह भी थे।
राज्यपाल ने मार्च पास्ट से सलामी ली और परेड में शामिल टुकड़ियों ने परेड कमांडर डीएसपी गुरप्रीत सिंह गिल और सहायक परेड कमांडर कर्णवीर सिंह की अगुवाई में शानदार मार्च पास्ट किया।
समारोह के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से किए गए विकास कार्यों को दर्शाती झांकियां पेश की गईं। इसके बाद राज्यपाल की ओर से स्वतंत्रता सेनानियों और विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय काम करने वाली शख्सियतों को सम्मानित किया गया। बाद में जरूरतमंदों को सिलाई मशीनें और ट्राई साइकिल भी वितरित किए गए।
इस मौके पर मुख्य मेहमान की ओर से परेड कमांडर, सहायक परेड कमांडर के अलावा सीनियर डिवीजन परेड में पहले व दूसरे स्थान पर आने वाली टुकड़ियों को सम्मानित किया गया। स्कूली बच्चों की ओर से सभ्याचारक व रंगारंग कार्यक्रम पेश किया गया।
इस मौके पर मोटरसाइकिलों के करतब भी आकर्षण का केंद्र रहे। इस मौके पर राज्यपाल की ओर से सभ्याचारक प्रोग्राम पेश करने वाले स्कूली बच्चों को दो लाख रुपये देने व जिले के सभी स्कूलों में सोमवार की छुट्टी का ऐलान किया गया।