सुजानपुर (पठानकोट)। जिला वैद्य मंडल गुरदासपुर-पठानकोट की ओर से सुजानपुर में भगवान धनवंतरी जन्मोत्सव व आयुर्वेदिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला प्रधान डा. फकीर चंद ने की। समारोह में भोआ हलका की विधायक सीमा देवी मुख्यातिथि के रूप में मौजूद थीं। इसके अलावा पूर्व नगर काउंसिल प्रधान राजकुमार गुप्ता व धनवंतरी वैद्य मंडल पंजाब के प्रधान सुमन कुमार सूद विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान मंडल के सदस्यों ने विधायक को मांगों के संबंध में ज्ञापन भी सौंपा। सर्वप्रथम भगवान धनवंतरी जी का पूजन किया गया। वक्ताओं ने भगवान धनवंतरी जी के जीवन पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर विभिन्न वैद्यों ने आयुर्वेेद के महत्व व इलाज की विभिन्न पद्धतियों के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान जड़ी बूटियों व दवाइयों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें विभिन्न प्रजाति की वनस्पतियों व दुर्लभ जड़ी बूटियों के बारे में बताया गया। विधायक ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगो को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के समक्ष रखकर शीघ्र हल करवाने के प्रयास करेंगी। डॉ. विजय शंभू ने कहा कि आयुर्वेद पद्धति के द्वारा हर प्रकार के रोग को पूर्ण और बिना किसी दुष्प्रभाव के इलाज के संभव है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से पुरातन विधि के विकास के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में राज्य के वैद्यों को पंजीकृत कर मान्यता देने का वायदा अभी तक पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में 1962 के बाद से आरएमपी की रजिस्ट्रेशन बंद है। वैद्य मंडल के सदस्यों ने पंजाब में अन्य राज्यों की तरह रजिस्ट्रेशन शुरू करने और वैद्यों को पंजाब में मान्यता देने की मांग की। इस अवसर पर फकीर चंद शर्मा, डॉ. ललित महाजन, कपिल कौशल, तरसेम लाल, रतन लाल, मंगत राम, विजय कुमार, विजय कुमार, रवि कुमार, कृष्ण गोपाल,डॉ. सुभाष शर्मा, तिलक राज उपस्थित थे।