सेना के आयुध भंडार की एक हजार मीटर क्षेत्र में आते घरों और कामर्शियल इमारतों को बचाने के लिए जिला बचाओ संघर्ष समिति की ओर से रविवार को एबी कॉलेज रोड के महाजन फार्म में बैठक की गई। इस मौके पर पूर्व विधायक अशोक शर्मा विशेष तौर पर उपस्थित हुए।
शर्मा ने कहा कि सेना के आयुध भंडार के एक हजार मीटर दायरे में आते घरों और कामर्शियल इमारतों को बचाने के लिए जिला बचाओ संघर्ष समिति ने जो बीड़ा उठाया है, इसमें वह उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में आते करीब 190 लोगों को न्यायपालिका द्वारा नोटिस भेजा गया है, लेकिन जिला बचाओ संघर्ष समिति को चाहिए कि वह एक बार इस एरिया का सर्वे करे, ताकि और कोई घर या कामर्शियल इमारत इसके घेरे में तो नहीं है।
उन्हाेंने कहा कि जब 1903 में यह कानून लागू हुआ था, तो भारत की कुल आबादी 25 करोड़ थी। अब आबादी बढ़कर सवा अरब हो गई है। उन्हाेंने कहा कि इस कानून को लागू हुए 110 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन तब प्रशासन को याद नहीं आया जब इन जगहों की रजिस्ट्री करवाई गई थीं। आज सरकार यह कानून लोगों पर लागू कर रही है, जो गलत है। उन्होंने क्षेत्र के विधायक से अपील की कि इस मामले को मुख्यमंत्री पंजाब प्रकाश सिंह बादल के ध्यान में लाएं, ताकि इस घेरे में आए लोग बेघर न हों।
जिला बचाओ संघर्ष समिति के प्रधान एवं चेयरमैन राजेश शर्मा ने बताया कि एक्ट 1903 के तहत आयुध भंडार के सेंटर एरिया से एक हजार मीटर, जबकि बाउंड्री एरिया से 300 मीटर एरिया में रोक लगाना जरूरी है, लेकिन सेना की ओर से बाउंड्री लाइन से एक हजार मीटर परिधि क्षेत्र में किसी भी मकान का निर्माण न करने पर रोक लगाई जा रही है। यदि इस क्षेत्र के लोगों को यहां से उजाड़ना ही है, तो इन लोगों को भी हरियाणा के पैटर्न पर मुआवजा दिया जाए, ताकि ये लोग अपना नया आशियाना बना सकें। उन्हाेंने कहा कि अगर उनकी इस समस्या का हल नहीं करती है तो संघर्ष किया जाएगा।
इस अवसर पर एसएस बावा, एलआर सोढ़ी, नरेश अरोड़ा, जनक सिंह, विजय पासी, राकेश वडैहरा, दविंदर मल्होत्रा, अश्वनी पुरी, सुनील महाजन, कुलदीप सिंह, त्रलोक नंदा, सतीश महिंद्रू, मनिंदर सिंह, आशु अग्रवाल, राजेश शर्मा, संदीप चावला, रजनीश, सुरेश, अश्वनी पुरी, नीरज महाजन, कुलदीप सिंह, भारत महाजन, दिनेश पुरी और सुरेश महाजन मौजूद रहे।