बटाला। डेयरी फार्मिंग को वैज्ञानिक स्तर के अनुसार ढालने से प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता में पंजाब देश का प्रथम सूबा बन गया है। दूध की आपूर्ति में 9 फीसदी से अधिक का योगदान राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब की ओर से किया जा रहा है। यह जानकारी पंजाब के मुख्य संसदीय देस राज धुग्गा ने वीरवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी। उन्होंने कहा कि खेतीबाड़ी के अलावा पशुपालन का सहायक व्यवसाय के रूप में अपनाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार की तरफ से दूध के उत्पादन करने के लिए देश के 14 प्रदेशों में चलाए जा रहे नेशनल डेयरी प्रोग्राम में पंजाब प्रदेश भी शामिल है। दूध उत्पादन में पशु नस्ल सुधार और वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग द्वारा श्री गुरु अंगद देव वेटेरनरी और एनीमल साइंस यूनिवर्सिटी की ओर से पशु पालकों को डेयरी व्यवसाय से संबंधित विशेष कोर्स करवाए हैं। इसके अलाव पंजाब सरकार की ओर से राज्य में पशु पालन धंधे को विकसित करने के लिए विभिन्न जिलों में पशु धन, मेले, और दूध धोने के मुकाबले करवाए जा रहे हैं।
इन मुकाबलों से मुकाबले की भावना तो पैदा होगी वहीं अच्छी नसल के जानवर भी देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार फसली विभिन्नता पर जोर देने के साथ साथ छोटे दूध देने वाले पशुओं को रखने और दूध देने वाली पशुओं की नस्लों को विकसित करने पर जोर दे रही है। इस मौके पर जत्थेदार कुलवंत सिंह चीमा, हरदयाल सिंह भाम आदि उपस्थित थे।