मामून से सोमवार शक के आधार पर हिरासत में लिए गए संदिग्ध मजदूर को कड़ी सुरक्षा के बीच आईबी जम्मू-कश्मीर के जिला पुंछ लेकर गई हैं।
उसके मोबाइल पर पाकिस्तान से आई काल रिसीव किए जाने की बात कही जा रही है। संदिग्ध मजदूर बारहवीं पास बताया जा रहा है। ऐसे में उसके मजदूरी करने के लिए पुंछ से पठानकोट आना खुफिया एजेंसियों के संदेह को और बढ़ा रहा है। फिलहाल मामले में आईबी और पुलिस अधिकारी कुछ भी नहीं बता रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार संदिग्ध मजदूर जम्मू कश्मीर के पुंछ क्षेत्र का निवासी है और उसका नाम इरशाद अहमद है। साथ ही उसने बारहवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। बीते दिनों आईबी ने पाकिस्तान से आई एक काल ट्रेस की थी। इस काल को इरशाद के मोबाइल पर रिसीव किया गया था।
साथ ही उस पर सोशल मीडिया से जरिये पाकिस्तान के नंबर पर संपर्क करने का संदेह है। बारहवीं तक शिक्षित होने के बाद भी उसका पुंछ से मामून में आकर मजदूरी करना खुफिया एजेंसियों के शक को और बढ़ा रहा है। उसके बारे में पुख्ता जानकारी जुटाने के लिए खुफिया एजेंसियां उसे अपने साथ पुंछ लेकर गई हैं।
संदिग्ध मजदूर मामून में एक निजी कंपनी के चल रहे प्रोजेक्ट में मजदूरी कर रहा था। जिस स्थान से उसे पकड़ा गया है, वहां से मामून छावनी करीब डेढ़ से दो किमी की दूरी पर है। दरअसल पठानकोट के एयरबेस कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद से खुफिया एजेंसियां व पुलिस बेहद सतर्क हैं।
महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने होने के चलते पठानकोट हमेशा से आतंकियों के निशाने पर रहा है। एयरबेस आतंकी हमले को जासूसी का ही अंजाम माना जा रहा है। करीब डेढ़ वर्ष पहले एयरफोर्स स्टेशन से जासूसी के आरोप में सुनील नाम के व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।