श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी को लेकर संत समाज और सिख संगठन गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब में एकत्रित हुए। वे मुख्यमंत्री को रोष स्वरूप अपना खून अर्पण करने के लिए सुबह आठ बजे से ही गुरुद्वारा परिसर में इकट्ठा होना शुरू हुए और चंडीगढ़ में सीएम की कोठी का घेराव करने की रूपरेखा तैयार की। इस मौके पर संत समाज सहित धार्मिक जत्थेबंदियों, कीर्तनी जत्थे, कथा वाचक और प्रचारक शामिल हुए।
इसमें संत रणजीत सिंह ढडरियां वाले, पंथप्रीत सिंह, दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार केवल सिंह, शिअद (अ) के सिमरनजीत सिंह मान, रागी हरजिंदर सिंह श्रीनगर वाले, भाई मनदीप सिंह लुधियाना वाले, आल इंडिया सिख स्टूडेंट फेडरेशन के अध्यक्ष करनैल सिंह पीर मोहम्मद, संत बलजीत सिंह दादूवाल, ज्ञानी जगतार सिंह, भाई जोगिंदर सिंह रियाड और राम सिंह नानकसर सहित भारी संख्या में संत समाज के लोग और सिख संगठन दोपहर 12 बजे चंडीगढ़ के लिए गुरुद्वारा साहिब से अरदास के बाद हुक्मनामा लेकर रवाना हो गए जोकि मोहाली को गुुरुद्वारा अंब साहिब से पैदल मार्च दौरान सीएम की कोठी का घेराव करने के लिए पैदल मार्च करेंगे।
रणजीत सिंह ढडरियां वालों ने एसजीपीसी में राजनीतिक दखलंदाजी को गलत बताया और कहा कि अगर बादल खून के प्यासे हैं तो हम खुद को उनकी प्यास बुझाने के लिए खून अर्पण करेंगे और उनकी कोठी का घेराव करेंगे। दूसरी और उन्होंने कहा कि खून भेंट करना एक संकेतक भाषा है। इसके बारे में सरकार को अलर्ट करना होता है।
ये हैं तीन मांगें
संत रणजीत सिंह ढडरियां वालों ने बताया कि उनकी तीन सूत्रीय मांगे हैं। इनमें सरकार सबसे पहले इस साजिश के पीछे के कारणों का पता करे। दूसरी बरगाड़ी घटनाक्रम में काबू किए दो सगे भाइयों रुपिंदर सिंह और जसविंदर सिंह को रिहा किया जाए और गोलियां चलाने वाले पुलिस अफसरों पर कत्ल के मामले दर्ज किए जाएं। उन्होंने कहा कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी सरकार ने इसके पीछे के कारणों का पता करने में असफलता दिखाई है और बेगुनाह लोगों पर मामला दर्ज किया है। इसके रोष स्वरूप चंडीगढ़ में सरकार को जगाने के लिए शांतिमय रोष मार्च निकाला जाएगा और हल न होने तक संघर्ष जारी रहेगा।