सिविल अस्पताल में कई सेहत अधिकारियों के दफ्तर होने के बाद लोग खुलेआम धुएं के छल्ले उड़ाते हैं।
धूम्रपान
करने वालों का सबसे पसंदीदा स्थान तीसरी मंजिल है। यहां धूम्रपान करने
वालों को कोई रोकने टोकने वाला नहीं है। सिविल अस्पताल में एसएमओ के अलावा,
जिला हेल्थ अधिकारी, सिविल सर्जन, असिस्टेंट सिविल सर्जन व अन्य
अधिकारियों के दफ्तर हैं। इस अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग के कायाकल्प
प्रोजेक्ट के तहत दूसरा स्थान मिला है। सेहत महकमे के यहां बैठने के बाद
मरीजों के तीमारदार बेरोकटोक बीड़ी, सिगरेट पीते है।
धूम्रपान करने
वालोें को रोकने के लिए कोई भी अधिकारी या कर्मचारी जहमत तक नहीं उठाता
है। इसकी अस्पताल की तीसरी मंजिल लगे पर बीड़ी व सिगरेट के ढेर से होती है।
वहीं बीड़ी, सिगरेट के धुएं से धूम्रपान नहीं करने वालोें को काफी परेशानी
होती है।
हालांकि सिविल अस्पताल प्रशासन ने जगह-जगह पर चेतावनी
बोर्ड लगाए हैं। इन बोर्डों पर धूम्रपान करते पकड़े जाने पर 500 रुपये
जुर्माना की बात लिखी है। इसके बावजूद जुर्माने की कार्रवाई नहीं की जाती।
इस
संबंध में जब एसएमओ डॉ. भूपिंद्र सिंह से बात की गई, तो उन्हाेंने कहा कि
सिविल अस्पताल में जगह-जगह पर बीड़ी, सिगरेट न पीने के बोर्ड लगाए गए है।
कोई भी व्यक्ति या कर्मचारी सिविल अस्पताल में धूम्रपान करते हुए पकड़ा
जाता है तो उस 500 रुपये का जुर्माना किया जाता है। हालांकि वह यह जानकारी
नहीं दे सके अब तक कितने लोगों पर जुर्माना किया गया है।