पठानकोट। आरएसडी परियोजना के सरप्लस कर्मचारियों ने मंगलवार को थीन डैम वर्कर्ज यूनियन के नेतृत्व में चीफ इंजीनियर कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान ठंड और बारिश के मौसम में भी कर्मचारियों ने बांध प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। यूनियन ने बांध प्रशासन पर कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को एक जनवरी से दिनरात धरना देने की चेतावनी दी।
यूनियन अध्यक्ष जसवंत संधू ने कहा कि अगर बांध कर्मचारियों को जल्द समायोजित नहीं किया गया तो पहली जनवरी से यूनियन नेता लगातार धरना देंगे और कर्मचारी भूख हड़ताल भी करेंगे।
उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार बांध परियोजना के सरप्लस कर्मचारियों को समायोजित करने की बात कर रही है वहीं उनको परियोजना से निकालकर उनको अन्य विभागों में समायोजित कर परेशान किया जा रहा है। आरएसडी व बैराज बांध प्रशासन ने सरप्लस कर्मचारियों में से बहुत से कर्मचारियों को बांध परियोजना से रिलीव कर सिंचाई विभाग के अन्य मंडलों में भेज दिया। ये कर्मचारी जब फिरोजपुर, लुधियाना, मोगा, पटियाला व अन्य स्थानों पर ड्यूटी देने पहुंचे तो उनको वहां पर हाजिरी नहीं लगाने दी और रोजगार न होने का बहाना बनाकर वापस परियोजना पर भेज दिया।
परेशान कर्मचारियों ने मंगलवार को थीन डैम वकर्ज यूनियन के नेतृत्व में भारी ठंड व वर्षा के बीच ,अपनी नौकरी बचाने के लिए चीफ इंजीनियर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस मौके पर यूनियन के प्रधान जसवंत संधू, वित्त सचिव जनक विािष्ठ, सुरिंद्र मान, सकत्तर सिंह, करनैल सिंह, रणजोध सिंह, अमरीक सिंह, सुरजीत सिंह व अन्य उपस्थित थे।
वहीं पर बांध प्रशासन के कार्यकारी अभियंता आरएल मित्तल ने बताया कि वापस आए कर्मचारियों की उनको पूरी जानकारी है तथा उच्चाधिकारियों से बात करके, समायोजन के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएंगे।