पठानकोट में हिमाचल और पंजाब की सीमा पर तौकी बैरियर के पास शुक्रवार को एक ट्रक ने गर्भवती को कुचल दिया। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में महिला का एक वर्षीय बेटा बाल-बाल बच गया।
महिला की मौत पर गुस्साए स्थानीय लोगों ने एक्साइज बैरियर को आग लगा दी। बाद में पठानकोट-जालंधर नेशन हाईवे पर करीब तीन घंटे तक जाम लगाया। ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया है।
पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ धारा 279 और 304ए के तहत मामला दर्ज किया है, वहीं एक्साइज इंस्पेक्टर प्रभात चंद और कर्मचारी टेकचंद के बयानों पर पुलिस ने एक्साइज बैरियर को आग लगाने, तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने इंदौरा अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। महिला आठ माह से गर्भवती थी।
पंजाब की सीमा से सटे हिमाचल के गांव तौकी की संतोष कुमारी (30) पत्नी अनिल अपने एक वर्षीय बेटे के साथ अपनी बहन को तौकी बैरियर के पास बस में चढ़ाने आई थी।
उसी समय तौकी एक्साइज बैरियर पर पर्ची कटवाने के लिए एक ड्राइवर अपने ट्रक को जल्दबाजी में न्यूट्रल ही खड़ा कर गया। ट्रक न्यूट्रल होने के कारण आगे की तरफ लुढ़क गया और थोड़ी दूर आगे खड़ी गर्भवती संतोष को कुचल दिया।
संतोष ने ट्रक को अपनी तरफ लुढ़कता देखकर एक वर्षीय बच्चे को दूर फेंक दिया। इससे बच्चे की जान तो बच गई लेकिन संतोष ट्रक की चपेट में आ गई।
कर्मियों ने भागकर जान बचाई
उधर, घटना की खबर लगते ही गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने एक्साइज बैरियर को आग लगा दी। बैरियर पर मौजूद कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई।
इसके बाद गुस्साए लोगों ने पठानकोट-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे तक लोग सड़क पर डटे रहे। हाईवे के दोनों और करीब पांच-पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मौके पर इंदौरा विधायक मनोहर धीमान सहित एसडीएम अश्वनी सूद और डीएसपी राजीव अत्री भी पहुंच गए। सभी ने गांववासियों को शांत करवाने की कोशिश की।
बैरियर हादसों का कारण
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि तौकी बैरियर पर यह सातवां बड़ा हादसा है। इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन हादसों का कारण गांव में एक्साइज बैरियर का होना बताया, क्योंकि अक्सर पर्ची न कटवाने वाले ट्रक चालक जल्दबाजी में निकलने के चक्कर में लोगों को अपनी चपेट में ले लेते हैं।
लोगों ने मांग रखी कि बैरियर को गांव से दूर लगाया जाए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने गांववासियों को आश्वासन दिया कि बैरियर को यहां से दूर ले जाने के लिए डीसी को पत्र लिखा जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब चार बजे जाम खोला।