हादसे में घायल हुए बैंक कर्मचारी एक निजी अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
इसके
बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप
लगाया। थाना सिटी के एसएचओ ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
है। मृतक के भाई कुलवंत सिंह निवासी पाहड़ा ने बताया कि उनका भाई हरमेश
चंद कोआपरेटिव बैंक अजनाला अमृतसर में तैनात था।
वीरवार को कस्बा
डेरा बाबा नानक के पास दूसरी बाइक की टक्कर से वह घायल हो गया। उसे
गुरदासपुर के सिविल अस्पताल लाया गया। अस्पताल के डॉक्टर ने मरीज की हालत
का हवाला देते हुए नजदीक के एक निजी अस्पताल में ले जाने को कहा। वह निजी
अस्पताल सरकारी डॉक्टर के ही रिश्तेदारों का है। निजी अस्पताल के डाक्टरों
ने कहा तुरंत आपरेशन करना पड़ेगा। आपरेशन के लिए उन्होंने 30 हजार रुपये
जमा कर दिए।
वीरवार की रात मरीज ठीक ठाक था और परिजनों से बातचीत भी
की। शुक्रवार की सुबह डाक्टर ने बताया मरीज की मौत हो चुकी है। मृतक के
परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनके मरीज की मौत
हुई है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले को शांत करने के
प्रयास में लगी रही। निजी अस्पताल के मालिक डॉ. केएस बब्बर ने बताया हरमेश
चंद के बाजू पर गंभीर चोट थी। जबड़े में फ्रैक्चर था और टांग भी टूटी थी।
मरीज की हालत को देखते हुए अमृतसर से स्पेशलिस्ट डॉक्टर बुलाया गया।
इलाज
शुरू करने से पहले ही उनकी मौत हो गई। सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर सिंह रंधावा
ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने संबंधी रिपोर्ट तैयार करके एसएमओ डॉ.
रजिंदर कौर जलौटा को भेज दी है। शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जायेगा। निजी
अस्पताल में रेफर करने पर कहा कि इस संबंध में जल्द ही मीटिंग बुलाई जाएगी।