सिविल अस्पताल में वीरवार को हमले में मारे गए छह आतंकियों का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि आतंकी एनएसजी की गोलियों से छलनी हो गए थे।
चार आतंकवादियों के शवों का एक्सरे और सीटी स्कैन करवाया गया और उनके शरीर में करीब 50 गोलियां होने की जानकारी मिली है। मारे गए चार आतंकियों के शव पूरे थे, जबकि दो पूरी तरह से जले हुए थे।
सिविल अस्पताल में आतंकियों का पोस्टमार्टम पांच घंटे तक चला। बोर्ड ने पोस्टमार्टम के बाद शव पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। फिलहाल पोस्टमार्टम रूम के अंदर ही शव रखकर बाहर से ताला लगा दिया गया है और बाहर पुलिस का सख्त पहरा है।
पोस्टमार्टम के लिए सिविल सर्जन डा. गौतम सिंह सिकंद ने चिकित्सकों का एक बोर्ड गठित किया। बोर्ड ने आशंका जताई कि शवों पर बारूद या विस्फोटक चिपके हो सकते हैं। इसलिए पहले उनको शवों को साफ किया गया। वीरवार सुबह करीब 11 बजे दो आतंकियों के एक्सरे किए गए और चिकित्सकों ने सवा घंटे तक उनकी जांच की।
इसके बाद सवा 12 बजे दो अन्य आतंकियों के एक्सरे हुए। इसके बाद डॉक्टरों के बोर्ड ने शाम चार बजे तक पोस्टमार्टम किया।
बोर्ड में चेयरमैन डीएचओ डॉ. तरसेम सिंह, एसएमओ डॉ. भूपिंदर, डॉ. सुनील चंद, डॉ. एमएल अत्री और डॉ. अमन ज्योति ने बताया कि आरोपियों के डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल चंडीगढ़ फोरेंसिक लैब में भेज दिए गए हैं। एसएमओ डॉ. भूपिंदर सिंह ने बताया कि सभी आतंकियों की उम्र 20 से 30 साल के बीच थी।