मुलाजिमों के तबादले के विरोध में वीरवार को थीन डैम वर्कर यूनियन सीटू शाहपुरकंडी के आह्वान पर रणजीत सागर बांध परियोजना और शाहपुरकंडी बांध परियोजना के कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता आरएसडी के कार्यालय के बाहर धरना दिया।
यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह संधू की अध्यक्षता में दिए धरने में प्रदर्शनकारियों ने बांध प्रशासन और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके बाद यूनियन ने मांगों का ज्ञापन मुख्य अभियंता को सौंपा गया। धरने को संबोधित करते हुए कामरेड नत्था सिंह , हरिंदर सिंह रंधावा , जनक राज वशिष्ट , नंद लाल , सकतर सिंह , कमल खटकर , करनैल , सुरिंदर मान, तरसेम, अवतार सिंह ने कहा कि रणजीत सागर बांध परियोजना के कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर 600 मेगावाट यूनिट की परियोजना का निर्माण किया है।
आज तक लगभग 6000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा मूल्य की बिजली का उत्पादन हो चुका है। उन्होंने कहा कि मुलाजिमों को इनाम देने की बजाए परियोजना की सहयोगी शाहपुरकंडी बैराज का निर्माण कार्य ठेके पर देकर उनसे नाइंसाफी की गई है।
उन्होंने कहा कि परियोजना से मुलाजिमों को सरपल्स पर अन्य जगहों पर भेजा रहा है। उन्होंने कहा कि बांध प्रशासन ने बांध परियोजना पर शहीद हुए कर्मचारियों की विधवाओं और ड्यूटी के दौरान विकलांगों को भी तब्दील कर दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने चार मार्च 2001 में बांध निर्माण पूरा होने के बाद इनाम के रूप एक इंक्रीमेंट देने का वादा किया था जो 13 साल बीत जाने के बाद भी नहीं दी गई।
धरने में मुख्य अभियंता रणजीत सागर बांध परियोजना की ओर से प्रिंसिपल सचिव सिंचाई विभाग पंजाब चंडीगढ़ एवं मुख्य अभियंता रणजीत सागर के अधिकार क्षेत्र में आती मांगों संबंधी मांगपत्र दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने शाहपुरकंडी बांध का ठेका रद कर विभागीय तौर पर निर्माण कराने, 30 प्रतिशत एरियर , 4-9-14 का बकाया, जनवरी 2013 से जून 2013 का बकाया, जुलाई 2013 से 10 प्रतिशत डीए की किस्त, छठे वेतन आयोग का गठन करने की मांग की। इस मौके पर लेख राज ,कुलवंत सिंह , मोहण सैनी ,नरेश बिट्टू ,दर्शन ,बलविंदर , इंदर जीत मौजूद थे।