शहर की सड़कें नगर निगम क्षेत्र के विकास का सच बयां कर रही हैं। सड़कों की हालत देख कोई भी अंदाज लगा सकता है कि यहां नगर निगम के अस्तित्व में आए एक साल का समय बीतने के बावजूद नेताओं और अफसरों ने विकास के तहत सड़कों की हालत सुधारने के मामले में तनिक भी दिलचस्पी नहीं दिखाई।
ऐसे में बरसात का सिलसिला शुरू होने के साथ ही जनता को नेताओं और अफसरों की इस बेरुखी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सड़कों की हालत पर गौर करें तो यहां कई स्थानों पर सड़क में दो-दो फीट से भी गहरे गड्ढे नजर आते हैं। जाहिर है ऐसी स्थिति में शहर की सड़कों पर चलना खतरे से खाली नहीं है। बावजूद इसके सड़कों की हालत सुधारने के लिए न तो नगर निगम और न ही विधायक गंभीर दिख रहे हैं।
अपनी पीठ थपथपाते रह नेता :
नगर निगम के अस्तित्व में आने के बाद विधायक अश्विनी शर्मा सरीखे नेता अपनी पीठ थपथपाते रहे, लेकिन नगर निगम बनने के बाद जगी विकास की उम्मीदों को पंख नहीं लग सके। नेता कहते हैं कि निगम क्षेत्र में विकास के लिए सरकार की ओर से कोई विशेष पैकेज नहीं मिला।
इन सड़कों की हालत ज्यादा खस्ता :
शहर के ढांगू रोड की हालत सबसे ज्यादा बदतर है। ऐसे में वाहन स्वामियों को महज पंद्रह मिनट का सफर आधे घंटे से भी ज्यादा लंबा तय करना पड़ रहा है। शहीद भगत सिंह चौक से आते समय माडल टाउन के पास सड़क पर गहरे गड्ढों के कारण यहां पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं लगता। इसी रोड पर बिजली घर के सामने गड्ढों में हर समय पानी जमा रहता है।
वहीं शाहपुर चौक की तो इस रोड पर डाकखाना चौक से लेकर शाहपुर चौक तक इतने बड़े गड्ढे हैं कि यहां आए दिन हादसे होते रहेते है। इसके अलावा सैली रोड, ढाकी रोड, पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन को जाने वाला मार्ग भी बुरी स्थिति का नमूना है।