रणजीत सागर बांध परियोजना के विस्थापित परिवार रोजगार के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
शुक्रवार को परियोजना के मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर विस्थापितों ने औसती यूनियन के अध्यक्ष डॉ. रमेश सिंह की अध्यक्षता में धरना दिया।
इसके बाद विस्थापितों ने डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू को मांगपत्र सौंपा और परियोजना के परसोनल विभाग के मुलाजिमों के तबादले की मांग की।
अध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि रणजीत सागर बांध परियोजना के परसोनल मंडल के अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण अब तक रणजीत सागर बांध के विस्थापितों को रोजगार नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों और अधिकारियों का काम करने का रवैया ठीक नहीं है। बांध विस्थापितों के सही दस्तावेजों पर आपत्तियां लगाकर जानबूझकर उन्हें अयोग्य करार दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से कई ऐसे लोग विस्थापित कोटे में रोजगार हासिल कर चुके हैं जो कि बांध विस्थापित है हीं नहीं।
उन्होंने कहा कि लगभग 20 विस्थापित परसोनल मंडल की लापरवाही के कारण ठोकरें खा रहे हैं। इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि रणजीत सागर बांध परियोजना की ओर से 769 बांध विस्थापितों को रोजगार देने की बात की जा रही है जबकि असल में लगभग बारह सौ योग्य बांध विस्थापित हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से डोर टू डोर सर्वे ही नहीं किया गया जबकि कट आफ दी डेट 01-05-86 ली जा रही है जो गलत है। उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण के नोटिफिकेशन के दिन से कट आफ दी डेट ली जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस भी व्यक्ति ने जमीन के अधिगृहण की पेमेंट ली है उसे पूरी तरह से बांध विस्थापित माना जाए।
उन्होंने मांग की कि एक सप्ताह के अंदर मंडल के अधिकारियों, कर्मचारियों का तबादला किया जाए। अन्यथा विस्थापित परिवार धरना देंगे। इस मौके पर संजीव अनौत्रा, राजकुमार, विजय कुमार, रोहित, शेर खान, रकेश कुमार, नीलम, जानकी देवी, ललिता, शीला, अर्पना देवी मौजूद थे।