शाहपुरकंडी में रसोई गैस की किल्लत दूर होने का नाम नहीं ले रही है।
वीरवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने रणजीत सागर बांध परियोजना की गैस एजेंसी के जमकर हंगामा काटा। उपभोक्ताओं का गुस्सा बढ़ता देख एजेंसी के कर्मचारी दफ्तर बंद करके भाग निकले।
छन्नी निवासी मीनू, पंकज कुमार, सत्य पाल पाली, तरसेम कुमार, बलजीत कुमार, लक्की, प्रकाशो देवी, सुमनप्रीत कौर, प्रभदीप कौर, प्यारो देवी, सुमन लता ने बताया कि पंद्रह दिन से वे हर रोज रसोई गैस के लिए लाइन में लगते हैं।
हर बार उन्हें गाड़ी नहीं आने का बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि गैस लेने के लिये पर्ची की खिड़की भी कर्मचारी अपनी मर्जी से खोलते हैं।
खिड़की खुल भी जाए तो कुछ पर्चियां काट कर बाकी अपनी मर्जी से ही काटी जाती हैं। ऐसे में उनके चहेतों को तो गैस मिल जाती है लेकिन बाकी लोग इससे वंचित रह जाते हैं।
उपभोक्ता पवन कुमार ने आरोप लगाया कि एजेंसी के कर्मचारी हर रोज शाम को शाहपुरकंडी बांध का निर्माण करने वाले ठेकेदार को गैस के सिलेंडर ब्लैक में देते हैं। कहा कि कंप्यूटर खराब होने के बावजूद एजेंसी की ओर से 67 पर्चियां काटी गई हैं।
बांध प्रशासन से मांग की कि एजेंसी के सभी कर्मचारियों को बदला जाए। गैस एजेंसी के अभियंता गुरपाल सिंह ने कहा कि सारे मामले की जांचकर अगर किसी कर्मचारी को बदलने की जरूरत पड़ी तो उसे बदलकर सारा सिस्टम ठीक किया जाएगा।
गैस एजेंसी के सचिव एई हरपाल सिंह ने कहा कि जो भी आरोप लगा गए हैं सब बेबुनियाद हैं। कंप्यूटर खराब होने के कारण दो दिन से खराबी आ रही है। अब नया कंप्यूटर मिलने पर ऑनलाइन सारा डाटा फीड कर कल से ही सारा सिस्टम ठीक करा दिया जाएगा।