फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूल बस नाले में गिरी, तीन बच्चों की मौत

Wed, 13 Jan 2016 03:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार सुबह फतेहगढ़ चूड़ियां के कैप्टन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की बच्चों से भरी बस बेकाबू होकर नाले में गिर गई। हादसा फतेहगढ़ चूड़ियां के गांव ठठा के पास हुआ। हादसे में तीन बच्चों की मौत हो गई, 40 बच्चे घायल हो गए।
विज्ञापन


घायलों को अलग-अलग अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। नाले में बस गिरते ही आसपास के गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और बच्चों को बाहर निकाला। दो बच्चों की मौत मौके पर ही हो गई।

एक की मौत बटाला अस्पताल में हुई। सूचना मिलते ही एसएसपी बटाला दिलजिंदर सिंह ढिल्लों समेत कई अन्य  पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और पड़ताल शुरू कर दी।
विज्ञापन


मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे मजीठा की तरफ से फतेहगढ़ चूड़ियां आ रही बच्चों से भरी स्कूल बस जब गांव ठठा के पास पहुंची तो तेज रफ्तार होने के कारण दूसरी तरफ से आ रही जिप्सी से टकरा गई। टक्कर से बस साइड में खड़ी बाइक को चपेट में लेते हुए पुल पर लगी ग्रिलों को तोड़ती हुई नाले में जा गिरी। हादसे में हरकीरत सिंह (11), हरप्रितपाल सिंह (13) की मौके पर ही मौत हो गई।

जसमीत (13) की मौत बटाला अस्पताल में हुई। वहीं 40 बच्चे बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस बहुत तेज थी। जब वह पुल पर पहुंची तो बस ड्राइवर नियंत्रण नहीं रख पाया और बस पानी से भरे नाले में जा गिरी। एसएसपी बटाला दिलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चालक, प्रिंसिपल और प्रबंधक कमेटी पर केस, प्रिंसिपल गिरफ्तार  
डीएसपी फतेहगढ़ चूड़ियां किरपाल सिंह ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल, स्कूल बस चालक और स्कूल प्रबंधक कमेटी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रिंसिपल को हिरासत में ले लिया गया है।

बस चालक अस्पताल में भर्ती है। ठीक होने के बाद बस चालक को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीएसपी ने बताया कि पुलिस प्रबंधक कमेटी के सदस्यों की भी पहचान कर रही है। अन्य सदस्य भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

35 सीटों की क्षमता वाली बस में बैठाए गए थे 60 बच्चे
बताया जा रहा है कि स्कूल बस 35 सीटर है लेकिन इसमें साठ बच्चों को बैठाया गया था। इसके अलावा बच्चों का सामान भी रखा गया था।

एसएसपी ने बताया कि यदि बस ड्राइवर के पास हैवी व्हीकल चलाने का लाइसेंस न हुआ तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी दिलजिंदर सिंह ने कहा कि स्कूल की ओर से बस में इतने बच्चे बैठाने की इजाजत कैसे दे दी गई इस मामले की जांच भी की जाएगी।
विज्ञापन


पानी कम था इसलिए बच गई जान
जिस नाले में बस गिरी उसमें पानी कम था। इसके कारण जान की हानि कम हुई। यदि नाले में पानी की मात्रा ज्यादा होती तो हादसा और भी भयानक हो सकता था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें