चुनावी माहौल में दलबदल की सियासत को चमकाने का भरपूर प्रयास जारी है। हालांकि इस मामले में दलों के कार्यकर्ता भी बड़े नेताओं की चालबाजी खूब समझ रहे हैं। अंदाज इसी से लगाया जा कसता है कि दलबदल के लिए दबाव डालने के बावजूद इस मामले में दलों के नेताओं को सफलता की बजाय नाकामी भी हाथ लग रही है।
रविवार को इसी तरह का एक मामला तब सामने आया जब भाजपा में शामिल कराने के लिए पार्टी की ओर से बुलाए गए गैर दलों के लोग ऐन वक्त पर कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। ऐसी स्थिति में पार्टी के नेताओं को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी और उद्देश्य पूरा न होने के कारण कार्यक्रम रद करना पड़ा।
रविवार को भाजपा के गुरदासपुर लोकसभा हल्के से भाजपा प्रत्याशी विनोद खन्ना के लिए तब अजीब स्थिति बन गई, जब भाजपा में ज्वाइन कराने के लिए बुलाने के बावजूद वे लोग नहीं पहुंचे। जबकि उन्हें बुलाने के लिए भाजपा नेता बार-बार फोन करते रहे।
कार्यक्रम भाजपा के मीडिया सेल की ओर से आयोजित किया गया था। केंद्रीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कुछ लोगों को पार्टी ज्वाइन कराने की तैयारी की गई थी। पार्टी के शामिल होने वाले लोगों के ऐन वक्त पर यहां न पहुंचने के कारण खुसर-फूसर होने लगी। भाजपा नेताओं ने संबंधित लोगों को फोन करना शुरू कर दिया। एक नेताजी फोन कर बोले...जल्दी आओ भाई देर हो रही है। हालांकि उन्हें इस प्रयास में भी नाकामी हाथ लगी।
हालांकि भाजपा प्रत्याशी विनोद खन्ना समय देने के बावजूद खुद करीब 11 बजे दफ्तर पहुंचे। पार्टी में शामिल होने के लिए बुलाए गए लोग जब 12 बजे तक नहीं पहुंचे तो पार्टी के नेताओं को शर्मिंदगी महसूस हुई। आखिरकार थक कर उन्होंने भी फोन घुमाना बंद कर दिए। इस बारे में भाजपा के जिला प्रधान नरेंद्र परमार ने कहा कि लोगों को पार्टी में शामिल कराना था।