फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां बोली, मेरा बेटा कायर नहीं

Sat, 24 May 2014 10:47 PM IST
गुरदासपुर ।
विज्ञापन
विज्ञापन
महज तीन महीने पहले 50 राष्ट्रीय राइफल्स में शामिल होकर जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र पुलवामा के शेरशाली पांपोर पोस्ट पर तैनात जवान बंटी की मौत का सच चाहे जो भी हो, लेकिन परिजन इसे आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं। सैन्य अफसरों के मुताबिक बंटी ने शुक्रवार को तैनाती के दौरान ही खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी, मगर परिवार के लोग इसे झूठा करार दे रहे हैं।
विज्ञापन


उनका मानना है कि बंटी कभी ऐसा कर ही नहीं सकता। शनिवार को जब उसका पार्थिव शरीर गांव कलीचपुर पहुंचा तो परिजनों के विलाप से पूरा माहौल मातमी हो गया। बेटे की मौत से सदमे की हालत में बदहवास बंटी की मां माता सुदेश कुमारी ने मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि उसका बेटा कायर नहीं हो सकता। उसने आत्महत्या नहीं की होगी। उसकी मौत की असल वजह कुछ और है।

शव लेकर गांव पहुंचे सूबेदार शाम पाल से मौत का कारण पूछने पर उन्होंने इस संबंध में कुछ भी बताने से इंकार किया। कहा कि इस संबंध में उनके उच्चाधिकारी ही कुछ बता सकते हैं। हालांकि उनकी इस चुप्पी पर परिजनों ने रोष जाहिर किया। हालांकि शनिवार को ही बंटी राम के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। चिता को बड़े भाई ज्योति राम ने मुखाग्नि दी।
विज्ञापन


इससे पूर्व सिपाही बंटी राम की माता सुदेश कुमारी अपने बेटे के शव से लिपटकर कहा कि उसके बेटे की मौत की वजह आत्महत्या बताया जा रहा है। यह किसी कलंक से कम नहीं है। उसे लगता है कि बेटे की मौत का कारण कुछ और है। इसलिए मामले की जांच होनी चाहिए। सुदेश कुमारी ने कहा कि उनके दो बेटे पहले ही भारतीय सेना में होते हुए देश की सेवा कर रहे हैं।

बंटी पर परिवार की ओर से कोई मानसिक दबाव नहीं था। अभी डेढ़ माह पहले ही वह छुट्टी काट कर वापस गया था। हर चार-पांच दिन बाद वह घर पर फोन करता था। इस बीच शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने भी माना कि बंटी पर आतंकी आपरेशन को लेकर कोई दबाव नहीं था

 ऐसे में सवाल है कि वह आत्महत्या भला कैसे कर सकता है? इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं भाजपा हलका इंचार्ज बीडी धुप्पड़ ने परिजनों को इंसाफ दिलाने के लिए वे अपने स्तर से प्रयास जरूर करेंगे। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें