बार्डर एरिया डेवलपमेंट योजना के तहत आते जिलों के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा भेजा गया पैसा लैप्स होने की कगार पर है। विरोधी पार्टियां बादल सरकार पर आरोप लगा रही हैं कि पंजाब सरकार ने केंद्र द्वारा भेजी गई ग्रांट को अन्य कामों में खर्च कर मुख्य काम को प्रभावित किया है, जबकि सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया है।
अगर बार्डर एरिया डेवलपमेंट योजना की बात की जाए तो पता चलता है कि वर्ष 2010-11 तक तो सब ठीक चलता रहा और केंद्र द्वारा भेजे गए इस पूरे पैसे को इस्तेमाल कर सरहदी इलाकों में विकास होता रहा लेकिन इसके बाद राज्य की गठबंधन सरकार ने इस योजना के तहत भेजे गई ग्रांट को पूरा खर्च नहीं किया। विरोधी पार्टियों का आरोप है कि पंजाब की गठबंधन सरकार इस ग्रांट को अन्य प्रोजेक्टों में लगाकर अपना काम चला रही है। इस संबंध में गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर अभिनव त्रिखा ने कहा कि यह तो पंजाब सरकार ही बता सकती है कि केंद्र द्वारा भेजा जा रहा पैसा खर्च किया जा रहा है या नहीं। इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
पंजाब प्लानिंग बोर्ड की वेबसाइट से मिले आंकड़ों के अनुसार साल, 2007-2008 में इस स्कीम के तहत पंजाब को चार जिलों अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर तथा तरनतारण के लिए 18 करोड़ 70 लाख रुपये की ग्रांट जारी हुई थी जिसमें से राज्य भर में 588 कार्यों के साथ पंजाब सरकार ने 18,68,50,000 रुपये खर्च किए थे जबकि गुरदासपुर जिले में कुल 121 कामों के लिए 4,27,72,000 रुपये की ग्रांट जारी हुई थी, जो पूरी खर्च की गई थी।
2008-09 में फिर पंजाब को इन्हीं चार जिलों के लिए 22 करोड़ 18 लाख रुपये की ग्रांट जारी हुई। पंजाब सरकार ने 418 कामों में लगा कर पूरी राशि खर्च की। जिला गुरदासपुर में भी जारी ग्रांट 5,07,32,000 रुपये 61 विकास प्रोजेक्टों पर खर्च किए गए।
2009-10 में पंजाब के चार जिलों को 21.88 लाख की ग्रांट मिली जो पूरी खर्च हुई। गुरदासपुर जिले को पांच करोड़ 48 हजार रुपये की ग्रांट मिली जिसका पूरा इस्तेमाल विकास कार्यों पर हुआ। इसी साल के दौरान स्पेशल एसए ग्रांट के तौर पर (7 करोड़ 75 लाख रुपये) की विशेष ग्रांट घनिया के बेट तथा गुरदासपुर के लिए दी गई तथा 15 लाख रुपये विकास प्रोजेक्टों के लिए जारी हुए। राज्य को पहले मिली ग्रांट 21.88 लाख तथा बाद में मिली 7.75 लाख तथा 15 लाख मिलाकर 29.78 लाख रुपये की ग्रांट मिली जो पूरी की पूरी विकास कार्यों पर खर्च की गई। इसके बाद 10-11 चुुनावों से कुछ माह पहले में भी पंजाब सरकार को यह राशी 22.25 लाख की ग्रांट के तौर पर मिली, जो पूरी तरह से प्रयोग में लाई गई और गुरदासपुर को मिली ग्रांट की रकम 4,97,69,000 रुपये भी विकास प्रोजेक्टों पर लगा कर बार्डर एरिया का नक्शा बदल दिया गया।
यहां से हुई गड़बड़
2011-12 में जब चुनाव मार्च माह में होने थे तो चुनाव आचार संहिता लग जाने के बावजूद पंजाब राज्य को इस प्रोजेक्ट के तहत छह जिलोें अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, फिरोजपुर तथा तरनतारण के लिए 32 करोड़ 92 लाख रुपये की राशी प्राप्त हुई। इस दौरान पंजाब सरकार मात्र 27,23,87,000 रुपये ही विकास कार्यों में खर्च करने में समर्थ रही, जबकि शेष रकम 5,68,13,000 रुपये की रकम लैप्स हो गई। इसी तरह गुरदासपुर जिले के लिए भी 5,67,84,000 की ग्रांट 31 मार्च, 2013 तक आई थी लेकिन गुरदासपुर जिला प्रशासन आई ग्रांट में से कुल 3,08,42,000 रुपये ही खर्च कर पाया। बाकी की शेष रकम 2,59,42, 000 रुपये लैप्स हो गए। अब 2012-13 के 31 मार्च, 2013 तक पंजाब सरकार को दोबारा इस योजना के तहत पंजाब के छह बार्डर जिलों के लिए 40,69,88,000 रुपये की ग्रांट आई थी, लेकिन 31 मार्च, 2013 तक सरकार ने मात्र 6,55,82,000 रुपये ही खर्च किए। इसी तरह जिला गुरदासपुर के बार्डर जिलों के विकास के लिए 6.29 लाख 74,000 की ग्रांट रिलीज की गई थी जिससे विभिन्न विकास के प्रोजेक्ट चलने थे लेकिन मिले आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च, 2013 तक सरकार ने मात्र 93 लाख 86 हजार रुपये खर्च किए। इसके बाद एक विशेष प्रोजेक्ट जो केवल गुरदासपुर जिले के लिए था के तहत 5,43,88,000 रुपये की ग्रांट जारी की गई थी लेकिन इसमें से अब तक एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया है। इस तरह अब तक जिला गुरदासपुर के विकास के ऊपर 10,79,76,000 रुपये खर्च किए जाने हैं।
इस साल मात्र साढ़े सात करोड़ खर्च
अब तक गुरादसपुर की भी ग्रांट को मिलाकर सरकार को मिले 46,13,76,000 रुपये में केवल 7,54,82,000 रुपये खर्च किए हैं, बाकी की रकम खर्च की जानी है, जिसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। हालांकि इस संबंध में विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया था लेकिन बादल इस मुद्दों को बातों में टाल गए। ‘अमर उजाला’ ने भी मुख्यमंत्री से एक बार गुरदासपुर दौरे के दौरान यह प्रश्न पूछा गया था तब सीएम ने इस प्रश्न को ही गलत बता दिया।
पैसे लैप्स नहीं होंगे : डीसी
सोमवार को गुरादसपुर के डिप्टी कमिश्नर बार्डर एरिया विकास प्रोग्राम के तहत विकास प्रोजेक्टों का जायजा लेने संबंधी मीटिंग कर रहे थे। जब उनसे ग्रांट के लैप्स होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कोई भी पैसा लैप्स नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गुरदासपुर जिले को मिले 5,43,88,000 रुपये पिछले ही हफ्ते खजाना विभाग से रिलीज हुए हैं। उन्हाेंने कहा कि पूरी ग्रांट को खर्च कर विकास कार्यों को समय पर पूरा कर लिया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि अपडेशन के कारण आंकड़ों में कुछ गड़बड़ी हो सकती है लेकिन कोई भी ग्रांट लैप्स नहीं हुई है। जब उनसे पंजाब सरकार द्वारा यह पैसा दूसरे प्रोजेक्टों में लगाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह तो केवल सरकार ही बता सकती है। इसमें उनका कोई लेने-देना नहीं है।