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चार हजार की आबादी को मिलेगी डिस्पेंसरी

Fri, 20 Dec 2013 10:35 PM IST
पठानकोट
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सेहत और परिवार कल्याण मंत्री सुरजीत ज्याणी ने कहा कि सूबे के चार हजार आबादी वाले गांवों में सरकारी डिस्पेंसरी मुहैया कराई जाएगी। ज्याणी पठानकोट सिविल अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती गर्भवती के इलाज पर 1200 रुपये खर्च कराने वाले डॉक्टर को निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने माना कि सूबे में सेहत विभाग समस्याओं से घिरा है और समस्याओं के समाधान के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
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उन्होंने कहा कि चार हजार आबादी वाले गांवों में सरकारी डिस्पेंसरी खोलकर आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक डॉक्टर तैनात किए जाएंगे। तीन एकड़ सरकारी भूमि मुहैया कराने वाले गांवों में हर्बल नर्सरी खोली जाएगी। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए 330 नए डाक्टर भर्ती करने की मंजूरी सरकार से मिल चुकी है। इसके अलावा 200 डॉक्टर अलग से भर्ती किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 600 नर्सों भर्ती की जा रही हैं।

पहले ही अस्थायी तौर पर तैनात नर्सों को भी नियमित किया जा रहा है। ज्याणी ने कहा कि सरकार की ओर से नर्सिंग स्टाफ को छह और दस साल की सेवा शर्तों के तहत भर्ती करने की योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में साफ-सफाई की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सिक्योरिटी गार्ड माली के पद सृजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के 100 अस्पतालों में सभी सेहत सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। सूबे के सामान्य वर्ग को सरकारी अस्पताल में इलाज मुहैया कराने के लिए जिलास्तरीय अस्पतालों में 10 अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कमरे तैयार किए जाएंगे।  
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सफाई व्यवस्था पर ली क्लास
सेहत और परिवार कल्याण मंत्री सुरजीत ज्याणी ने अस्पताल में पानी की निकासी और सफाई व्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रबंधन की क्लास ली और मरीजों के पास जाकर अस्पताल में मुहैया करवाई जा रही जरूरी सुविधाओं के बारे में जाना। इससे पहले मंत्री सुबह 11:30 बजे अस्पताल पहुंचे और उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. गुरदित्त सिंह सोढ़ी, कार्यकारी एसएमओ भूपिंदर सिंह के साथ इमरजेंसी, ट्रामा वार्ड, महिला और पुरुष वार्ड का निरीक्षण किया। इमरजेंसी के ऊपर पानी की निकासी ठप होने और अस्पताल में जाले लगे होने पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की क्लास ली। उन्होंने एक महीने में अस्पताल की कमियों को दूर करने की हिदायत दी। उन्होंने ड्यूटी पर लेट लतीफ अफसरों को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए सुधार करने के निर्देश दिए जबकि अस्पताल में पिछले दिनों सरकारी दफ्तर में शराब पीने वाले मुलाजिमों को बचाते हुए सेहत मंत्री ने कहा कि उनका इलाज निलंबन नहीं है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कराना पुलिस का काम है। जांच अधिकारी के मौके पर पहुंचकर भी उनके निकल जाने के बारे में सेहत मंत्री कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

डॉक्टर को क्यों बांध रखा है साथ
सेहत और परिवार कल्याण मंत्री सुरजीत ज्याणी के पठानकोट सिविल अस्पताल के दौरे पर आने से मरीज और उनके तीमारदार परेशान होते रहे। अस्पताल के डॉक्टर अपने मंत्री की आवभगत में लगे रहे और ओपीडी में मरीज उनका इंतजार करते रहे। मंत्री को सुनाते हुए शाहपुरकंडी की सुषमा ने कहा कि वह अपने पति के साथ डॉ. एमएल अत्री के पास चेकअप को आए थे। उन्होंने कहा कि अस्पताल के दौरे पर डॉक्टरों को अपने साथ क्यों बांध रखा। उन्होंने कहा कि डेढ़ घंटे से डॉक्टर अत्री का इंतजार करते रहे। ओपीडी में मरीज परेशान होते रहे। उन्होंने कहा कि दौरे के दौरान डॉक्टरों को मंत्री ने अपने साथ क्यों बांध रखा है। महिला को बिगड़ते देखकर मंत्री के पीए उन्हें समझाने के लिए पहुंच गए। मीडिया के दखल के बाद उन्होंने महिला को अपनी बात रखने का मौका दिया।
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