जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजीव कालरा की अदालत ने दो नशा तस्करों को दस साल कैद और सवा एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में दोनों को चार-चार साल अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। दोनों आरोपी मामा-भांजा हैं।
जानकारी के मुताबिक सदर पुलिस ने 2 फरवरी, 2010 को जम्मू-अमृतसर बाईपास छोटी नहर भरोली कलां गांव के पास नाका लगाया था। सूचना थी कि जम्मू-कश्मीर से ट्रक में चूरा पोस्त भारी मात्रा में लाया जा रहा है।
मलिकपुर से आ रह ट्रक जेके-08-ए-6969 को रुकने का पुलिस पार्टी ने नाके पर इशारा किया तो चालक ने उसे भगा लिया, लेकिन पुलिस पार्टी ने ट्रक चालक को किसी तरह से काबू कर लिया। पूछताछ में ट्रक में सवार लोगों की पहचान चालक जम्मू-कश्मीर के कठुआ के हटली मोड़ थाना के अंतर्गत आते वार्ड नं. 14 के साउन चक्क निवासी चालक कुलविंदर सिंह और ट्रक मालिक उसका मामा कठुआ के वार्ड नं. 13 निवासी मनजीत सिंह के रूप में हुई।
तलाशी लेने पर सेब से भरे ट्रक की पेटियों को हटाकर देखा गया तो पेटियों की तीसरी तह के नीचे 14 बोरियों में चूरा पोस्त छिपाकर रखा गया था। नापतोल करने पर 4 क्विंटल 15 किलोग्राम चूरा पोस्त निकला। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी श्रीनगर से अवंतीपुरा से चूरा पोस्त लाकर बेचते थे। साढ़े तीन साल चली कोर्ट में सुनवाई के बाद जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजीव कालरा की अदालत ने दोनों को दस-दस साल कैद और सवा एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर उन्हें चार साल अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।