स्थानीय रेडक्रास नशा छुड़ाओ तथा पुनर्वास केंद्र गुरदासपुर में प्रोजेक्ट डायरेक्टर रोमेश महाजन की देखरेख में टीबी रोग संबंधी जागरूकता पैदा करने के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में जिला टीबी मुक्त प्रोजेक्ट के कोआर्डिनेटर ज्योति बाला विशेष रूप से शामिल हुईं। रोमेश महाजन, इंजीनियर जोगिंदर सिंह नानो वालिया, अनिल कुमार आनंद, काउंसलर ज्योति शर्मा और मुंशीराम ने सेमिनार को संबोधित किया।
ज्योति बाला ने कहा कि भारत में हर तीन मिनट बाद तीन लोग टीबी के शिकार होते हैं। इस बीमारी से भयभीत होने के बजाय हमें अपने रोजमर्रा जीवन में सचेत होकर रहना चाहिए। अगर किसी को टीबी की बीमारी हो जाती है तो सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त दवाएं प्राप्त करके छह से आठ महीने दवा खाने से इस बीमारी बीमारी से निजात पाई जा सकती है। महाजन ने कहा कि टीबी से ग्रस्त मरीज अगर लगातार दवा नहीं खाता तो उसे एमडीआर टीबी घेर लेती है।
उन्हाेंने कहा कि किसी भी तरह के नशे से पीड़ित कोई भी व्यक्ति अपने इलाज के लिए केंद्र सरकार की सहायता से चल रहे रेडक्रास नशा छुड़ाओ केंद्र गुरादसपुर में दाखिल हो सकता है। इंडोर दाखिल मरीज को रोजमर्रा की जिंदगी की सारी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इस मौके पर दिलबाग सिंह लाली चीमा, मैडम तेजिंदर कौर, इंदरजीत सिंह बाजवा, कर्मजीत सिंह औजला, करनैल सिंह, रवेल सिंह, मुंशी राम, मैडम कोमलप्रीत कौर और मैडम सरोज बाला मौजूद रहीं।