सेवाएं नियमित करने की मांग को लेकर रविवार को साझा फ्रंट अध्यापक यूनियन ने पठानकोट में पंजाब सरकार का अर्थी मार्च निकाला और सरकार का पुतला फूंका।
प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ठेके पर भर्ती किए गए 7654 शिक्षकों की सेवाएं नियमित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सेवाएं नियमित न होने पर पंजाब में चल रहे कबड्डी कप के मैचों और आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान सरकार का विरोध करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम पठानकोट सुखमंद्र सिंह को अपना मांगपत्र सौंपा।
यूनियन के जिला प्रधान सुमेश शर्मा ने बताया कि पंजाब सरकार ने राज्यभर के स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे 7654 शिक्षकों की सेवाएं दिसंबर 2013 में नियमित करने का वादा किया था, लेकिन सरकार अपना वादा भूल चुकी है। आरोप लगाया कि सरकार ने अप्रैल, 2013 में विधानसभा में उनकी सेवाएं अप्रैल, 2014 से नियमित करने संबंधी विधेयक पास कर उनके साथ छलावा किया है, लेकिन अभी तक गवर्नर की ओर से अधिसूचना जारी नहीं की है।
उन्होंने कहा कि अप्रैल, 2014 में देशभर में लोकसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और उसकी अधिसूचना भी पहले जारी हो जाएगी।
लोकसभा चुनाव पूरा होने के बाद राज्य में नगर काउंसिलों के चुनाव भी होंगे। इस तरह से सरकार ने अपना पल्ला छुड़ाने के लिए विधेयक पास कर आंखों में धूल झोकने का प्रयास किया है जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि 7654 शिक्षक छह से दस हजार रुपये मासिक वेतन पा रहे हैं, लेकिन वह भी उन्हें समय पर नहीं मिलता है।
वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ सरकार बच्चों को पढ़ाने के लिए उन्हें लगा रही है, दूसरी तरफ उनके खुद के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा पर लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद उन्हें योग्यता के अनुसार वेतन नहीं मिल रहा है। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने रामलीला ग्राउंड से रोष मार्च शुरू कर डल्होजी रोड, गाड़ी अहाता चौक, सलारिया चौक तक पंजाब सरकार की अर्थी निकाली। सलारिया चौक पर रोड जाम कर सरकार का पुतला फूंका। इस मौके पर यूनियन को विजय सलारिया, दीपक, मुनीष, अनिल, राकेश कुमार, राकेश सैनी ने संबोधित किया।