अवैध खनन पर प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई से नाराज मीरथल क्रेशर इंडस्ट्री के मालिक यूनियन प्रधान विजय पासी की अध्यक्षता में डीसी सिब्बन सी. से मिले और मांगपत्र सौंपा। यूनियन ने डीसी को बताया कि वे 40 साल से कार्य कर रहे हैं। अब उन्हें अवैध खनन के नाम पर परेशान किया जा रहा है।
यूनियन ने कहा कि प्रशासन की चेकिंग से उनका काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने हका कि मीरथल में 103 क्रशर हैं जिनमें से इस समय सिर्फ 70 ही चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने उन्हें राहत प्रदान नहीं की तो आने वाले समय में उनकी आर्थिक हालत खराब हो जाएगी।
यूनियन ने कहा कि मीरथल क्षेत्र के लगभग सभी क्रेशर मालिक अपनी रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं, इसीलिए उन्हें जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से पर्ची कटवाकर माल लाकर अपने क्रेशरों पर कार्य करने की अनुमति दी जाए। इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर सिब्बन सी. ने क्रशर मालिकों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को हल किया जाएगा लेकिन रजिस्ट्रेशन और माइनिंग पालिसी को न मानने वाले क्रेशरों पर सख्त कार्रवाई कर उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
इस अवसर पर गुरदयाल सिंह, नरेंदर सिंह, पवनप्रीत सिंह, बलविंदर सिंह, गोपाल शर्मा और अन्य क्रशर मालिक मौजूद रहे। मालूम हो कि अवैध खनन को रोकने के लिए डीसी पठानकोट द्वारा कमेटी का गठन किया गया है जो क्रेशरों पर चेकिंग कर रही है। माइनिंग विभाग की पालिसी को न मानने वाले क्रेशरों पर कार्रवाई कर उनके कनेेक्शन काटकर काम बंद करवाने के आदेश जारी किए जा रहे हैं।