जिले में 132 क्रशरों पर पर्चे दर्ज होने के बाद विरोध तेज हो गया है। पर्चे दर्ज करने के विरोध में बुधवार को जिला क्रशर यूनियन के बैनर तले क्रशर मालिकों ने लेबर शेड में रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद सड़कों पर रोष मार्च भी निकाला। प्रदर्शनकारियों ने क्रशर मालिकों पर दर्ज किए पर्चे वापस लेने और नई खनन नीति को रद्द करने की मांग की।
जिला स्टोन क्रशर यूनियन के प्रधान विजय पासी और साहिब सिंह साबा ने कहा कि क्रशर मालिकों को तंग करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से क्रशर मालिकों के साथ धक्केशाही की गई है। उन्होंने बताया कि प्रशासन के पास स्टाक का पूरा ब्योरा देने के लिए समय की मांग करने के लिए यूनियन गई थी और अब उन पर गुपचुप तरीके से मामले दर्ज कर लिए गए हैं जो नाइंसाफी है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की धक्केशाही के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि पहले ही सरकार की गलत नीतियों के कारण क्रशर इंडस्ट्री तबाह हो चुकी है और अब उन्हें खत्म करने के लिए साजिश के तहत पर्चे दर्ज किए जा रहे हैं। इससे उनका करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार नई खनन नीति लागू कर कारोबार को खत्म करने में लगी है। उन्होंने कहा कि अवैध माइनिंग के नाम पर क्रशर उद्यमियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
इस अवसर पर गुरनाम सिंह, भान सिंह, राजिंदर भूर, रामकुमार, नीरज कुमार, जसपाल सिंह पाली, पंकज भनोट, अमित कुंद्रा, सन्नी महाजन, तरुण महाजन, संजय आनंद, सुखविंदर सिंह, पंकज महाजन, कृष्ण गोपाल शर्मा, अमरीक सिंह कंडरा, युद्धवीर सिंह, ठा .प्रवीण सिंह, नितिन महाजन लाडी, दिनेश विज, बलविंदर सिंह, पवन शर्मा, अमीर चंद, संदीप, बोधराज, फतेह सिंह, संजीव कुमार, विशाल महाजन, जोगिंदर शर्मा मौजूद रहे।