सिविल अस्पताल में प्रसव क बाद महिला की मौत होने पर गुस्साए परिजनों ने सोमवार को अस्पताल में तोड़फोड़ कर गेट के बाहर शव रखकर रोष धरना दिया। एसएम के समझाने पर परिजनों ने धरना हटाया और शव को संस्कार के लिए गए। एसएमओ ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई करने का भरोसा परिजनों को दिया है।
मृतका की मां कुंती देवी ने बताया उसकी बेटी सुरेखा (23) पत्नी दलीप कुमार गर्भवती थी। रविवार को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर बेटी को सुबह 7 बजे सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। दोपहर करीब सवा दो बजे उसने लड़के को जन्म दिया। डिलवरी के बाद भी उसकी बेटी को तेज दर्द होता रहा। इस पर उन्हाेंने कई बार अस्पताल स्टाफ को अवगत कराया। कुंती ने आरोप लगाया कि इसके बाद भी डॉ. राजकुमार ने उसकी बेटी का उसका चेकअप नहीं किया। इससे उसकी मौत हो गई।
इससे गुस्साए परिजनों ने सिविल अस्पताल में नारेबाजी करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। परिजनों ने अस्पताल में लगे शीशे तोड़ दिए और। रोष प्रदर्शन करते हुए उक्त डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए गेट पर धरना दिया। परिजनों ने करीब दो घंटे तक गेट के बाहर शाहपुर रोड पर चक्का जाम कर दिया।
इससे वहां जाम में लग गया। बाद में एसएमो के समझाने पर परिजनों ने धरना हटाया और थाने में की शिकायत को वापिस ले लिया है। एसएमओ डा. भूपिंद्र सिंह का कहना सुरेखा की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी। वहीं थाना डिवीजन नंबर एक के एसएचओ विपन कुमार ने कहा कि पीड़ित परिवार ने उन्हें डा. राज कुमार के खिलाफ शिकायत दी थी। बाद में डाक्टरों के समझाने पर परिजनों से शिकायत वापस ले ली है।