एयरफोर्स स्टेशन पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा प्रबंधों में कई खामियां सामने आई हैं। इन खामियों का पता लगाकर उन्हें दूर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कड़े फैसले लिए जा रहे हैं।
इसी के तहत वीरवार को 12 सदस्यीय संयुक्त संसदीय कमेटी ने गुरदासपुर और पठानकोट बॉर्डर एरिया का दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।
पहले दीनानगर और उसके बाद पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले ने सुरक्षा प्रबंधों में चूक की पोल खोलकर रख दी है। इन आतंकी हमलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कड़े फैसले लिए जा रहे हैं।
इसी के चलते गुरदासपुर और पठानकोट में बॉर्डर के इलाके में क्या-क्या खामियां है इन्हें दूर करने के लिए केंद्र की ओर से गठित संयुक्त संसदीय कमेटी ने वीरवार को गुरदासपुर और पठानकोट बॉर्डर एरिया का दौरा किया।
गुरदासपुर में कमेटी के चेयरमैन प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि पठानकोट में जो हमला हुआ उसके बारे में सबको पता है लेकिन कुछ बातें हैं जिनके जवाब सामने लाना बेहद जरूरी है। जैसे कि आतंकी किस रास्ते से घुसपैठ करने घुसे, कैसे आए और किसने उनकी मदद की। इनका जवाब अब तक मिला नहीं।
उन्होंने बताया कि इन सवालों के जवाब के लिए ही केंद्र सरकार की ओर से यह विशेष टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि जो कमियां मिलेंगी उनकी रिपोर्ट बनाकर पार्लियामेंट में दी जाएगी।
चेयरमैन प्रदीप भट्टाचार्या ने बताया कि बॉर्डर पर जहां-जहां फेंसिंग की कमी है वहां बाड़ लगाना जरूरी है। इसके अलावा बॉर्डर पर फ्लड लाइट लगाना भी जरूरी है। परमानेंट वॉल के बारे में उन्होंने कहा कि इसके बारे में अभी बात नहीं हुई है। अपनी रिपोर्ट में वह इसका भी जिक्र जरूर करेंगे।