मूसलाधार बरसात के बाद चक्की दरिया के तटवर्ती इलाकों में खतरा मंडराने लगा है। उदासीन आश्रम के समीप भूकटाव शुरू होने से लोग सहमे हुए हैं। लोगों में इस आशंका को लेकर दहशत है कि कहीं भूकटाव तेज हुई तो इमारतों को भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में पठानकोट-डलहौजी मार्ग के लिए भी संकट खड़ा हो सकता है।
आश्रम के सेवकों ने प्रशासन से गुहार लगाया है कि चक्की दरिया में आने वाली बाढ़ को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आश्रम व आसपास के गांवों पर मंडरा रहे खतरे को टाला जा सके। आश्रम के संस्थापक स्वामी शरणानंद, विजय पासी, शशि महाजन, मोहन लाल, जयराम, रमेश कुमार आदि ने बताया कि इस क्षेत्र में हो रहे कटाव को रोकने के लिए प्रशासन तथा विभाग द्वारा करोड़ों रुपये का खर्च कर बांध बनाया गया है।
बावजूद इसके कटाव जारी है। काबिलेगौर है कि उदासीन आश्रम के पीछे 35 लाख रुपये की लागत से बांध बनाया जा रहा है, ताकि दरिया के बहाव को रोका जा सके।