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निजीकरण की नीति के खिलाफ निकाली भड़ास

Fri, 20 Sep 2013 05:39 AM IST
Pathankot
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पठानकोट। नार्दन रेलवे मेंस यूनियन (एनआरएमयू) और आल गवर्नमेंट इंप्लाइज काउंसिल ने पठानकोट रेलवे स्टेशन परिसर में 45 वीं शहीदी कांफ्रेंस का आयोजन किया। कांफ्रेंस में पठानकोट के अलावा लुधियाना, फिरोजपुर समेत राज्यभर से रेल मुलाजिम भी जुटे। इस मौके पर रेलकर्मियों ने बोनस में कटौती पर हड़ताल पर जाने का फैसला भी किया। कामरेड हरदीप सिंह और एनआरएमयू के मंडल अध्यक्ष कामरेड रमेश सिंह के अलावा आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महासचिव कामरेड शिव गोपाल मिश्रा एनआरएमयू के प्रधान हरभजन सिंह सिद्घू, सीटीयू के उप-प्रधान मंगत राम पासला, कामरेड नत्था सिंह, पंजाब निर्माण मजदूर यूनियन के महासचिव हरेंद्र सिंह रंधावा ने विशेष तौर पर शिरकत की। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र की महंगाई और निजीकरण की नीति के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली।
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शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले रेलवे के मुनाफे में 4.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन बोनस बढ़ाने की बजाय सरकार ने पिछले साल के मुकाबले रेलवे मुलाजिमों के बोनस में कटौती करने का फैसला किया है जो गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार फैसला बदले, अन्यथा रेलकर्मी बिना नोटिस हड़ताल पर जाएंगे। फेडरेशन की जनरल काउंसिल की बैठक में हड़ताल का फैसला लिया जा चुका है। उन्होंने नई पेंशन नीति पर भड़ास निकालते हुए कहा कि मुलाजिमों से उनकी पेंशन का हक भी छीना जा रहा है। नए मुलाजिमों को पेंशन हासिल करने के लिए 10 फीसदी वेतन कटाना होगा। वेतन कटने के बाद भी पेंशन मिलना निश्चित नहीं है। उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत सरकार पारिवारिक पेंशन बंद कर चुकी है, यानि पेंशन धारक की मौत के बाद उसके परिवार को किसी भी प्रकार की पेंशन नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रेलवे में डेढ़ लाख पदों पर भर्ती की गई है, लेकिन लंबे समय के बाद भर्ती के चलते दोबारा से ढाई लाख पद खाली पड़े हैं और एक एक मुलाजिम पर काम का अतिरिक्त बोझ लाद दिया गया है। उन्होंने कहा कि नई पेंशन नीति और बोनस में कटौती समेत सातवें वेतन आयोग के गठन और महंगाई भत्ते को बढ़ाकर मूल वेतन में मर्ज करने, ठेकेदारी प्रथा को बंद कराने व अन्य मांगों को लेकर 21 से 22 दिसंबर को देशभर में जनता के बीच जाकर हड़ताल के लिए वोटिंग की जाएगी और उसके बाद हड़ताल का नोटिस सरकार को दिया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से लाए जा रहे पेंशन फंड डेवेलपमेंट रेगुलेटरी अथारिटी बिल की निंदा करते हुए बिल को लागू करने पर रेल का चक्का जाम करने की चतावनी दी। इससे पहले 19 सितंबर 1968 में हड़ताल के दौरान शहीद हुए 5 रेल मुलाजिमों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर नत्था सिंह, परमजीत सिंह, जसमंगल सिंह, राकेश शर्मा ने भी संबोधित किया।
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