पठानकोट। पंजाब प्रदेश कांग्रेस की नई टीम इसी माह के अंत में बनाए जाने की प्रधान प्रताप सिंह बाजवा की घोषणा के बाद राज्य के कई दिग्गज नेताओं को इस टीम का हिस्सा बनाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। पंजाब कांग्रेस कमेटी प्रधान प्रताप सिंह बाजवा इस मामले पर चर्चा के लिए दिल्ली जा रहे हैं। इसके बाद नए संगठन की घोषण कर दी जाएगी। उनकी ओर से इस टीम में युवा नेताओं को प्राथमिकता देने के अलावा अन्य सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने की बात की गई है।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक प्रताप बाजवा का सबसे ज्यादा फोक्स माझा बेल्ट पर होगा, क्योंकि माझा क्षेत्र से ही पार्टी को पिछले विधानसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा था। माना जा रहा है कि माझा बेल्ट में लोकसभा हलका अमृतसर और गुरदासपुर से संभावित पदाधिकारियों की सूची भी प्रताप सिंह बाजवा के पास पहुंच चुकी है और नाम का मंथन भी शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार इस टीम में जगह बनाने के लिए नेताओं की भीड़ काफी ज्यादा है लेकिन पठानकोट जिले से जो नाम आगे आ रहे हैं उनमें अनिल दारा का नाम सबसे आगे है, जबकि नगर काउंसिल पूर्व अध्यक्ष अनिल विज और नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन बृज मोहन पुरी का नाम भी इस दौड़ में है। जिले में प्रत्येक रैलियों में अपना खासा प्रभाव छोड़ चुके अनिल दारा जहां सीधे तौर पर प्रताप सिंह बाजवा के खासमखास बने हुए हैं, वहीं पूर्व चेयरमैन बृज मोहन पुरी को स्वयं पूर्व मंत्री रमन भल्ला का भी खुलकर समर्थन मिल रहा है है। लिहाजा, प्रताप बाजवा इन तीनों में से किसी एक को उच्च पद देकर अन्य नेताओं की नाराजगी कबूल करते हैं या फिर तीनों को पंजाब प्रदेश कांग्रेस की नई टीम का सदस्य बनाकर माझा क्षेत्र में आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर क्या तैयारी करते हैं इसे लेकर बाजवा खुद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी इनके नाम पर चर्चा कर रहे हैं। सूत्र नई टीम में अनिल दारा के नाम पर मुहर लगने की बात कर रहे हैं।
पिछले विधानसभा चुनावों में अनिल दारा का नाम भी विधानसभा टिकट के प्रबल दावेदारों में था लेकिन उन्होंने प्रताप बाजवा के फैसले को माना और टिकट की दौड़ छोड़कर चुनावों में पार्टी की सेवा करते रहे। चुनाव हुए दो साल गुजर चुके हैं और अनिल दारा को पार्टी में कोई उच्च पद नहीं मिला है। अब कयास लगाए जा रहे हैं शायद प्रताप सिंह बाजवा उन्हें नई टीम में उच्च पद दे दें। नई टीम में सदस्यों के नाम पर मुहर लगाने की कवायद शुरू हो चुकी है और पार्टी पदाधिकारी गंभीरता से इन नामों पर चर्चा करने की बात कह रहे हैं।