शाहपुरकंडी (पठानकोट)। शाहपुरकंडी बैराज का निर्माण कार्य निजी हाथों में सौंपने के विरोध में शनिवार को बैराज स्थल पर कर्मचारी संगठनों ने धरना दिया। धरने में प्रदर्शनकारियों ने निजी निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करने का ऐलान किया। धरने में गुरदासपुर लोकसभा हल्के के सांसद प्रताप बाजवा ने भी शिरकत की।
जानकारी के मुताबिक सीटू, इंटक, भारतीय मजदूर संघ समेत कई कर्मचारी संगठनों पर आधारित संघर्ष कमेटी के बैनर तले धरना लगाया गया। धरने में शामिल हुए सांसद बाजवा ने कहा कि शाहपुरकंडी बैराज का निर्माण केंद्र की योजना से होना तय है जिस पर 90 फीसदी केंद्र और 10 फीसदी पंजाब सरकार की ओर से खर्च किया जाना है। उन्होंने कहा कि बैराज का निर्माण कार्य चार साल में पूरा किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न कर्मचारी संगठनों का पांच सदस्यीय वफद जल्द ही केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से दिल्ली में मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बैराज का निर्माण विभागीय स्तर पर कराने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से बात की जाएगी और जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के समक्ष भी मामला रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ही रणजीत सागर बांध के मुलाजिमों के हित में सोचती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने ही डैम के 14 हजार से ज्यादा मुलाजिमों को पक्का कराया है।
इससे पहले धरने को कर्मचारी नेता नत्था सिंह, हरिंद्र रंधावा, जसवंत संधू, जनक राज बिष्ट, कमल खटकड़, पवन पाली, विजय कुमार, ज्ञान चंद लूंबा, हरमेज सिंह मेजा ने कहा कि रणजीत सागर बांध परियोजना से अभी तक 36 सौ करोड़ की बिजली का उत्पादन हो चुका है। लेकिन, बैराज स्थल का निर्माण नहीं होने से नुकसान हो रहा है। इस मौके पर धरने को हुडको के डायरेक्टर दिनेश महाजन, पूर्व मंत्री रमन भल्ला, पूर्व नगर काउंसिल प्रधान विनय महाजन, गुरमीत पाहड़ा, बलबीर फतेहपुरिया, नीरज सहोत्रा, ओपी वर्मा, टिंकू शर्मा ने संबोधित किया।