जीरकपुर। पटियाला रोड पर स्थित गांव छत्त में नगर परिषद के पास कई एकड़ सरकारी शामलात जमीन मौजूद है। यहां पर राजस्व विभाग अपना खुद का सब-तहसील कार्यालय बना सकता है। यह जानकारी ईओ संदीप तिवाड़ी ने दी।
ईओ ने बताया कि जमीन की मांग के लिए नगर परिषद को पत्र मिला था, जिसे राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों के पास भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही जीरकपुर में सब तहसील का अपना कार्यालय होगा। बता दें कि अभी सब तहसील नगर परिषद कार्यालय में चलाई जा रही है।
लोगों ने करोड़ों रुपये किए निवेश
मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला की सीमाओं से सटे जीरकपुर शहर को भरपूर लाभ मिला है। इन स्मार्ट सिटी की सीमाओं से सटे शहर ने 10-15 साल में प्रॉपर्टी के कारोबार में भारी वृद्धि की और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए। इसका नतीजा है कि कुछ ही वर्षों के दौरान शहर की आबादी ने 4 लाख का आंकड़ा पार कर लिया है। कॉलोनियों, अपार्टमेंट्स में रहने वाले इन लोगों ने यहां करोड़ों रुपये निवेश किए हैं। यहां रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें इसके लिए स्थानीय नगर परिषद को ‘ए’ श्रेणी का दर्जा दिया गया है।
2012 में अस्थायी तौर पर शुरू हुई थी सब तहसील
2012 से पहले शहर (जीरकपुर) का जमीनी रिकॉर्ड डेराबस्सी तहसील के अधीन था। इस कारण जीरकपुर में जमीन खरीदने वालों को मलकियत अपने नाम करवाने के लिए कई किलोमीटर दूर डेराबस्सी मुख्य तहसील जाना पड़ता था। 2012 के दौरान यातायात संसाधनों की कमी और शहरवासियों की परेशानी को देखते हुए शहर में अलग से सब तहसील बनाने का फैसला लिया गया। राजस्व विभाग को अनुमति मिलने के बाद यहां सब तहसील का गठन किया गया। अस्थायी तौर पर शुरू हुई सब तहसील का उद्घाटन के दौरान संबंधित विभाग के तत्कालीन अधिकारियों ने जल्द ही इसे मुख्य तहसील का दर्जा देकर अपना खुद का कार्यालय बनाने का भरोसा दिलाया था।
कोट्...
पंजाब सरकार द्वारा जीरकपुर सब तहसील कार्यालय बनाने के लिए जगह की मांग को लेकर विभाग को पत्र मिला था। इस संबंधी सरकार को जवाब देते हुए नगर परिषद के गांव छत्त में कई एकड़ सरकारी जमीन में सब तहसील कार्यालय बनाने का प्रस्ताव अधिकारियों को भेज दिया गया है। -संदीप तिवाड़ी, ईओ (अतिरिक्त कार्यभार), जीरकपुर नगर परिषद।