जीरकपुर। जीरकपुर के बलटाना में रहने वाले लोगों के लिए यह खबर जरूरी है, क्योंकि अंबाला से चंडीगढ़ को जोड़ने वाली रेलवे लाइन पर स्थित हरमिलाप नगर फाटक बुधवार शाम से बंद हो गया है, जो शनिवार को खुलेगा। रेलवे फाटक बंद होने के कारण न तो पंचकूला की ओर से बलटाना में आ-जा सकेंगे और न ही बलटाना से पंचकूला होते हुए चंडीगढ़ आ-जा सकेंगे। ऐसे में बलटाना, चंडीगढ़ और पंचकूला के लोगों को एक-दूसरे के क्षेत्र में जाने के लिए 3 से 4 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हरमिलाप नगर रेलवे फाटक को लाइनों की जरूरी मरम्मत के चलते बंद किया गया है, ताकि मरम्मत के दौरान किसी प्रकार की आवाजाही से काम में बाधा न आए।
बलटाना की आबादी लगभग 1 से डेढ़ लाख है, जिसमें रहने वाले लोगों के अधिकतर काम पंचकूला, चंडीगढ़ या अन्य क्षेत्रों से जुड़े होते हैं। लोग अक्सर हरमिलाप नगर रेलवे फाटक का उपयोग कर आवागमन करते हैं। इस फाटक से पंचकूला और चंडीगढ़ आसानी से पहुंचा जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी व्यक्ति को बलटाना से रामदरबार (चंडीगढ़) जाना हो, तो वह हरमिलाप नगर फाटक पार कर मात्र 4 से 5 मिनट में पहुंच जाता है। इसी तरह, पंचकूला के सेक्टर-15 मार्केट या सेक्टर-6 स्थित सरकारी अस्पताल तक भी 10 से 12 मिनट में पहुंचा जा सकता है।
लेकिन फाटक बंद होने की स्थिति में अब लोगों को चंडीगढ़ जाने के लिए के-एरिया चौक से होकर गुजरना होगा, जबकि पंचकूला के उक्त स्थानों पर जाने के लिए के-एरिया चौक या सेक्टर-19 पंचकूला के अंडरपास से होकर आना-जाना पड़ेगा।
बलटाना क्षेत्र चंडीगढ़ और पंचकूला से सटा हुआ है और यहां के लोगों को रोजाना अपने कामों के लिए इधर-उधर आना-जाना पड़ता है। वर्ष 2016 में स्थानीय लोगों ने एक संस्था बनाकर हरमिलाप नगर फाटक को हटाकर यहां अंडरपास बनाने की मांग उठाई थी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और 10 साल बाद आखिरकार हरमिलाप नगर रेलवे फाटक पर अंडरपास निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया है। अंडरपास बनने के बाद लोग रेलवे फाटक पार करने की जगह इसके माध्यम से सीधे पंचकूला, चंडीगढ़ व अन्य स्थानों पर आसानी से आवाजाही कर सकेंगे।