जीरकपुर। ढकोली में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आंखों में धूल झोंककर फैरासिल सल्फेट केमिकल का इस्तेमाल कर चोरी छिपे जिंक खाद तैयार की जा रही है।
इस जिंक खाद को तैयार करने के लिए न विभाग से कोई अनुमति ली गई है और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित किसी अधिकारी को इसकी जानकारी है।
एग्रीकल्चर लैंड पिछले दो तीन साल से तैयार की जा रही है, जिसे मूलरूप से हरियाणा झज्जर के रहने वाले सुरिंदर सिंह हाल निवासी ढकोली तैयार करवा रहे हैं। ढकोली में रह रहे सुरिंदर सिंह ने एक उजाड़ इलाके में अपना प्रोजेक्ट लगाया हुआ है जिससे किसी अधिकारी की उस पर नजर न पड़े। लोगों की शिकायत के बाद मामला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ध्यान में लाया गया। इस मौके पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ विपिन कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और काम बंद करवा दिया।