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Mohali News: एनडीपीएस मामले में युवक को मिली जमानत, एक लाख का भरना होगा जमानत बॉन्ड

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मोहाली। एनडीपीएस के एक मामले की सोमवार को सुनवाई मोहाली की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में कहा कि याचिकाकर्ता सिकंदर सिंह उर्फ सिकंदर लाल को मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता सिकंदर पर नशीले पदार्थ की झूठी बरामदगी का आरोप है, उसे खरड़ पुलिस ने 17 सितंबर को गिरफ्तार किया था, तब से वह हिरासत में है। वह पहले ही हिरासत में पूछताछ का सामना कर चुका है। मुकदमे के निष्कर्ष में काफी समय लगने की संभावना है और वर्तमान याचिकाकर्ता को आगे न्यायिक हिरासत में रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उसकी नियमित जमानत याचिका को अनुमति दी जाए।इस बात का विरोध करते हुए सरकारी वकील ने कहा कि सिकंदर सिंह के पास से 10 ग्राम नशीला पदार्थ (एफएसएल रिपोर्ट के अनुसार मॉर्फिन सल्फेट युक्त) बरामद किया गया है। उसे पुलिस ने नशीले पदार्थ के साथ घड़ूआं से पकड़ा था। उसकी नियमित जमानत याचिका को रद्द किया जाए। सुनवाई दौरान ड्रग इंस्पेक्टर ने उपस्थित होकर बयान दर्ज कराया। अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह मॉर्फिन का सिर्फ नमक रूप है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद याचिकाकर्ता सिकंदर सिंह को सीआरपीसी की धारा 439 के तहत नियमित जमानत पर रिहा करने के निर्देश दिए। वहीं, सिकंदर सिंह को एक लाख रुपये की राशि में जमानत बॉन्ड और इतनी ही राशि में एक जमानतदार पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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यह था मामला
खरड़ पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी सिकंदर सिंह को गांव घड़ूआं से गिरफ्तार किया था। सिकंदर ने सामने पुलिस को देखकर अपने हाथ में पकड़ा लिफाफा झाडियों में फेंक दिया था। पुलिस को उस पर शक हुआ और जब उसे हिरासत में लेकर उसके फेंके हुए लिफाफे की जांच की तो उसमें से 10 ग्राम नशीला पाउडर बरामद हुआ। सिकंदर के खिलाफ खरड़ थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की सुनवाई मोहाली अदालत में चल रही थी।
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