मोहाली। युवक को खुदकुशी के लिए मजबूर करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज की अदालत ने मामले में नामजद लड़की को सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया है। कुलविंदर सिंह उर्फ करनबीर नाम के युवक को खुदकुशी के लिए मजबूर करने के दर्ज मामले में पुलिस ने एक लड़की को नामजद किया था।
लड़की के वकील प्रितपाल सिंह बासी ने बताया कि कुलविंदर की मौत के मामले में डाक्टरी रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं था। पुलिस यह साबित नहीं कर सकी कि उसकी मौत वाले घर का नंबर क्या है, क्योंकि गवाहों ने मकान के अलग-अलग नंबर अदालत में बताए थे। पुलिस ने कुलविंदर की मौत से 26 दिन बाद मामला दर्ज किया था। मृतक की वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने एक्शन लिया था। जानकारी के अनुसार कुलविंदर सिंह का पिता बिल्लू सिंह अपने भाई और अन्य रिश्तेदारों के साथ थाने पहुंचा था। उन्होंने बयान दर्ज करवाए थे कि उसके लड़के के साथ एक लड़की लिव इन में रहती थी।
26 अगस्त 2023 शाम करीब साढ़े पांच बजे फोन आया कि कुलविंदर ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली है। वह अपने परिवार के साथ सिविल अस्पताल फेज-6 मोहाली पहुंचे। उनको लिव इन में रहने वाली लड़की और कुलविंदर के दोस्त मिले। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले कुलविंदर के पास उसकी पुरानी महिला दोस्त और तीन लड़के आए थे। उन्होंने कुलविंदर के साथ झगड़ा किया था, उसी दिन शाम के समय कुलविंदर ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। शिकायतकर्ता के अनुसार रिलेशन में रहने वाली लड़की के माध्यम से उनको पता लगा कि कुलविंदर पहले दूसरी लड़की के साथ लिव इन में था। आशु के साथ उसका झगड़ा होने के बाद दोनों अलग हो गए थे।