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Mohali News: 39 वेस्ट सोसाइटी में चला पीला पंजा, अवैध निर्माण ढहाया

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सेक्टर-122 स्थित 39 वेस्ट सोसाइटी फेज-3 में अवैध निर्माण गिराता जेसीबी। संवाद
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मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने सेक्टर-122 स्थित 39 वेस्ट सोसाइटी फेज-3 में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर गैर-कानूनी ढांचे को ढहा दिया है। यह सोसाइटी कॉलोनाइज़र एचपी सिंह और अन्य द्वारा 2010 में पंजाब सरकार की मेगा हाउसिंग प्रोजेक्ट स्कीम के तहत शुरू की गई थी, लेकिन विकास कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। वर्ष 2023 में गमाडा ने कॉलोनाइज़र का लाइसेंस रद्द कर दिया था।
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गमाडा द्वारा लाइसेंस रद्द करने के बावजूद कॉलोनाइज़र ने स्वीकृत साइट की सीमा से बाहर कुछ अतिरिक्त प्लॉट काटने की कोशिश की और उन्हें मौजूदा जल, सीवरेज व बिजली कनेक्शन से जोड़ दिया। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की शिकायतों के आधार पर गमाडा ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अवैध निर्माण से सोसाइटी की सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव पड़ रहा था। पानी की आपूर्ति, बिजली और सीवरेज जैसी सुविधाएं प्रभावित हो रही थीं, जो सिर्फ स्वीकृत यूनिटों के लिए डिजाइन की गई थीं। गमाडा की यह कार्रवाई न केवल मौजूदा निवासियों को राहत पहुंचाएगी, बल्कि यह भी संकेत देगी कि अवैध निर्माण को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



निवासियों की मांग : गमाडा खुद ले प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी
39 वेस्ट सोसाइटी के निवासियों की सबसे बड़ी चिंता है कि उनका जीवन अब भी अधूरे प्रोजेक्ट की वजह से मुश्किल में है। कॉलोनाइजर ने न सिर्फ विकास कार्य अधूरे छोड़े हैं, बल्कि लाइसेंस रद्द होने के बाद भी अवैध गतिविधियां जारी रखीं हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गमाडा को चाहिए कि वह इस प्रोजेक्ट को अपने अधीन लेकर विकास कार्यों को पूर्ण करे। इससे न केवल बुनियादी सुविधाएं सुधरेंगी, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बहाल होगा। क्षेत्र के लोगों ने यह भी मांग की है कि सोसाइटी की सीमाओं को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाए, सुरक्षा बढ़ाई जाए और ऐसे कॉलोनाइजरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, जो बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य करते हैं। वे चाहते हैं कि इस केस को एक उदाहरण बनाया जाए ताकि भविष्य में कोई और कॉलोनाइजर ऐसी लापरवाही करने से पहले सौ बार सोचे।
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हमने कई बार गमाडा को शिकायतें भेजी और अंत में उन्होंने सही कदम उठाया लेकिन अभी भी हमारी मांग है कि गमाडा इस प्रोजेक्ट को पंजाब सरकार के कानूनों के तहत अधिग्रहण में ले ताकि पीड़ित निवासी राहत महसूस कर सके। -हृदेश मदान, सचिव आरडब्ल्यूए


आरडब्ल्यूए की शिकायत के बाद गमाडा की टीम ने मौका देखा था। मौका देखने के बाद अवैध निर्माण को देखकर कार्रवाई करने को कहा था। इसके बाद अफसरों के आदेश पर कार्रवाई कर दी गई है। -अरविंद चौधरी, जेई गमाडा
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